स्मार्ट मीटर के खिलाफ प्रदर्शन महिलाएं बोलीं- बिजली का बिल दोगुना हुआ, चक्काजाम की चेतावनी दी
- स्मार्ट मीटर लगने से बिल दोगुना होने का लगाया आरोप
- स्मार्ट मीटर हटाकर पुराने मीटर लगाने की मांग
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। स्मार्ट मीटर के खिलाफ रविवार को जरौली फेस-1 के न्यू केसा सबस्टेशन पर महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान महिलाओं ने एक स्मार्टमीटर को जमीन पर पटक कर तोड़ा और उसपर चप्पलें बरसाईं। इसके साथ ही स्मार्ट मीटर के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। महिलाओं ने स्मार्टमीटर हटाने की मांग की है। महिलाओं ने चेतावनी दी कि अगर स्मार्ट मीटर नहीं हटाए गए तो जल्द ही सड़क पर उतरकर चक्का जाम करके सरकार को घेरेंगी।
कानपुर में स्मार्ट मीटर को लेकर लगातार आक्रोश बढ़ता जा रहा है। जरौली फेस-1 न्यू केसा में रविवार को पोस्टर-बैनर लेकर सैकड़ों महिलाएं पहुंची और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। महिलाओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर उनके लिए सुविधा के बजाय मुसीबत बन गए हैं। बिजली का बिल दोगुना से भी ज्यादा आ रहा है। ताला बंद घरों का भी मीटर बैलेंस अपने आप माइनस में चला रहा है, जबकि घरों में कोई बिजली का इस्तेमाल नहीं होता तब भी मीटर की रीडिंग चलती रहती है। प्रदर्शन में शामिल स्नेहा मिश्रा ने बताया कि विभाग ने लोगों को गुमराह करके पुराने मीटर हटा दिए और नए स्मार्ट मीटर जबरन लोगों के घरों में लगा दिया है। बिजली इस्तेमाल करने से पहले ही रिचार्ज करना पड़ता है और कई बार बीच में ही बिना किसी सूचना के बिजली काट दी जाती है, बार-बार रिचार्ज करने के दबाव ने आम जनता का जीना मुहाल कर दिया है। इसी तरह संगीता यादव ने कहा कि उनके परिवार की मासिक आय महज 15 से 20 हजार रुपये है, पहले घर का बिल ढाई से तीन हजार तक आता था, लेकिन अब 6-7 हजार रुपए प्रति महीने का हो गया है। स्मार्ट मीटर के नाम पर लोगों से सरकार लूट कर रही है। यह आम जनता के साथ धोखा है। बिजली का इतना अधिक बोझ उठाना मध्यम और गरीब वर्ग के लिए असंभव होता जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि इन स्मार्ट मीटरों को तत्काल हटाकर पुराने मीटरों को दोबारा स्थापित किया जाए ताकि आम जनता को आर्थिक और मानसिक प्रताड़ना से राहत मिल सके। लोगों कहना है कि सिर्फ कानपुर ही नहीं पूरे उत्तर प्रदेश में इस मुद्दे को लेकर उबाल है लेकिन सरकार की ओर से अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन मीटरों को वापस नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और भी उग्र रूप धारण करेगा और लोग सड़कों पर उतरकर बड़े स्तर पर चक्का जाम करेंगे फिलहाल भारी विरोध के चलते प्रशासन और विभाग के बीच हड़कंप मचा हुआ है।