परेड बाज़ार मामला वज़ीर ए आला के दरबार पहुंच
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | मुस्लिम वेलफेयर एण्ड एजूकेशनल संस्था के सचिव इखलाक अहमद डेविड ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कौमी एकता का प्रतीक शहर का ऐतिहासिक परेड ग्राउंड में ब्रिटिश हुकूमत के समय से लगने वाली दुकानों को नगर निगम ने तोड़ने का तुगलकी फरमान जारी कर हिंदू-मुस्लिम की भावनाओं को ठेस पहुंचाया है ऐसी आशंका है, वह गरीबों को उजाड़ कर अमीरों को बसाना चाहता है।नगर निगम पहले भी परेड ग्राउंड पर कब्ज़ा करने की साजिश करता रहता था वक्फ की सम्पत्ति पर कब्ज़ा कर उस ज़मीन को निजी हाथों में बेचना चाहता है उसके तुगलकी फरमान से हिंदू-मुस्लिम सभी की भावनाओं को ठेस लगी है। दुकाने जो परेड ग्राउंड के चारो ओर ब्रिटिश हुकूमत के वक्त से लग रही है अब याद आ रहा है नगर निगम को अतिक्रमण है वो कानपुर नगर का सबसे सस्ता बाज़ार भी परेड है जहा गरीब लोग बाज़ार से खरीदी करते है नगर निगम के निर्णय से आवाम में भी रोष है।मुस्लिम वेलफेयर एण्ड एजूकेशनल संस्था ने इसी से सम्बंधित पत्र प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ को फैक्स, ईमेल व जनसुनवाई के माध्यम से भेजकर उनसे कानपुर नगर निगम के फैसले को वापस लेने के आदेश-निर्देश देने का अनुरोध किया है।
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