दुर्लभ फंगल रोग से जूझ रहे दस वर्षीय शौर्य को मिली नई जिंदगी
*- एंडोस्कोपिक सर्जरी से आंख और मस्तिष्क तक फैली बीमारी का सफल उपचार*
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस सैफई : उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई के ईएनटी विभाग ने एक बार फिर जटिल चिकित्सा उपचार में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ. अजय सिंह के निर्देशन में संस्थान लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। इसी क्रम में ईएनटी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. जितेंद्र प्रताप सिंह चौहान के मार्गदर्शन में प्रोफेसर डॉ. ऋतु गुप्ता एवं उनकी टीम ने एक दस वर्षीय बच्चे का अत्यंत जटिल और दुर्लभ फंगल साइनस रोग का सफल ऑपरेशन कर उसे नई जिंदगी प्रदान की है।
इटावा शहर के नगला जगे निवासी दस वर्षीय शौर्य, एलर्जिक फंगल राइनोसाइनोसाइटिस (AFRS) नामक गंभीर बीमारी से पीड़ित था। बीमारी इतनी बढ़ चुकी थी कि फंगल वृद्धि ने नाक और सभी साइनसों को भर दिया था। इसके साथ ही आंख के आसपास की हड्डियों में परिवर्तन, नाक की मध्य हड्डी में विकृति तथा रोग का फैलाव मस्तिष्क के समीप तक पहुंच गया था। स्थिति बेहद गंभीर होने के कारण सर्जरी चिकित्सकों के लिए बड़ी चुनौती थी।
प्रो. डॉ. ऋतु गुप्ता ने अत्याधुनिक एंडोस्कोपिक तकनीक का उपयोग करते हुए सफलतापूर्वक संपूर्ण फंगल ऊतक को निकाल दिया। ऑपरेशन के दौरान आंख और मस्तिष्क से संबंधित किसी भी प्रकार की जटिलता नहीं हुई तथा इंट्राक्रैनियल क्षेत्र में फैली बीमारी को भी सुरक्षित रूप से हटाया गया। ऑपरेशन के बाद शौर्य की स्थिति पूरी तरह स्थिर रही और स्वास्थ्य में तेजी से सुधार होने पर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
शौर्य के पिता विक्रम सिंह ने बताया कि बेटे की बीमारी को लेकर शहर के कई निजी अस्पतालों में परामर्श लिया गया, लेकिन समस्या का सही कारण सामने नहीं आ सका। बाद में आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई पहुंचने पर बीमारी की सटीक पहचान हुई और विशेषज्ञ चिकित्सकों ने सफल उपचार किया। उन्होंने प्रोफेसर डॉ. ऋतु गुप्ता, उनकी पूरी टीम तथा अस्पताल के चिकित्सकीय और पैरामेडिकल स्टाफ की सराहना करते हुए कहा कि सभी ने बेहद संवेदनशीलता और समर्पण के साथ इलाज किया, जिसके कारण उनका बेटा आज पूरी तरह स्वस्थ है।
प्रो. डॉ. ऋतु गुप्ता ने बताया कि समय पर पहचान और विशेषज्ञ उपचार से एलर्जिक फंगल राइनोसाइनोसाइटिस जैसे जटिल रोगों का भी सफल इलाज संभव है। आंख और मस्तिष्क तक बीमारी के फैलाव के बावजूद इस चुनौतीपूर्ण मामले का सफल उपचार विश्वविद्यालय के चिकित्सकों की विशेषज्ञता और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का उत्कृष्ट उदाहरण है। वहीं ईएनटी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. जितेंद्र प्रताप सिंह चौहान ने कहा कि विश्वविद्यालय में जटिल से जटिल रोगों के उपचार के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं और अनुभवी विशेषज्ञ उपलब्ध हैं। उन्होंने पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि मरीजों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।