दिव्यांग छात्राओं की पढ़ाई को मिलेगी रफ्तार, सरकार देगी ई-ट्राइसाइकिल
*स्कूल व शिक्षण-प्रशिक्षण प्राप्त कर रही 16 वर्ष या अधिक आयु की पात्र छात्राओं को मिलेगा लाभ, प्रति ई-ट्राइसाइकिल 65 हजार रुपये तक अनुदान*
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर।आवागमन की कठिनाई अब दिव्यांग छात्राओं की पढ़ाई और प्रशिक्षण की राह में बाधा नहीं बनेगी। स्कूल जाने तथा शिक्षण-प्रशिक्षण प्राप्त कर रही पात्र दिव्यांग छात्राओं को प्रदेश सरकार ई-ट्राइसाइकिल प्रदान करेगी। वित्तीय वर्ष 2026-27 से लागू नई नियमावली के तहत प्रति ई-ट्राइसाइकिल अधिकतम 65 हजार रुपये का अनुदान अनुमन्य होगा। योजना का उद्देश्य छात्राओं को दैनिक कक्षाओं, लाइब्रेरी, लैब और हॉस्टल तक सुगम आवागमन की सुविधा देकर उनका शैक्षिक पुनर्वासन करना है।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि दिव्यांग छात्राओं को शिक्षा और प्रशिक्षण के समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल है। ई-ट्राइसाइकिल उनकी आवागमन संबंधी कठिनाइयों को कम कर शिक्षा से निरंतर जुड़े रहने में सहायक होगी। उन्होंने योजना की जानकारी पात्र छात्राओं तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
योजना के अंतर्गत 16 वर्ष या उससे अधिक आयु की उत्तर प्रदेश निवासी दिव्यांग छात्राएं पात्र होंगी। मस्क्यूलर डिस्ट्रोफी, स्ट्रोक, सेरेब्रल पाल्सी, हीमोफिलिया अथवा इसी प्रकार की शारीरिक स्थिति से प्रभावित ऐसी छात्राएं, जिनकी दृष्टि एवं मानसिक स्थिति अच्छी हो, कमर के ऊपर का भाग स्वस्थ हो और जो ई-ट्राइसाइकिल पर बैठकर अपने हाथों से उसका संचालन करने में सक्षम हों, योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगी। दिव्यांगता मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा प्रमाणित होना आवश्यक होगा। जनपद स्तरीय तकनीकी समिति शारीरिक सक्षमता का भौतिक परीक्षण करेगी और ई-ट्राइसाइकिल के लिए उपयुक्त पाए जाने पर ही अग्रेतर प्रक्रिया की जाएगी।
जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी बिनय कुमार उत्तम ने बताया कि आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। संबंधित स्कूल अथवा शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थान के संस्थाध्यक्ष द्वारा अध्ययनरत होने का प्रमाणपत्र दिया जाएगा, जिसकी पुष्टि विभाग द्वारा की जाएगी। दिव्यांग छात्रा अथवा उसका परिवार आयकरदाता नहीं होना चाहिए। लक्ष्य के सापेक्ष सर्वप्रथम गरीबी रेखा से नीचे के पात्र लाभार्थियों को संतृप्त किया जाएगा। लक्ष्य शेष रहने पर दिव्यांगता के घटते क्रम तथा आय के बढ़ते क्रम में लाभ दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पात्र छात्रा को पांच वर्ष में एक बार ई-ट्राइसाइकिल से लाभान्वित किया जाएगा। पिछले पांच वर्षों में भारत सरकार, स्थानीय निकाय, सांसद निधि, विधायक निधि अथवा किसी अन्य सरकारी या सरकार से अनुदानित स्रोत से ई-ट्राइसाइकिल प्राप्त करने वाली छात्रा को पुनः लाभ नहीं मिलेगा। प्राप्त आवेदनों को उपलब्ध बजट के सापेक्ष प्रथम आवक-प्रथम पावक के सिद्धांत पर सूचीबद्ध कर जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली अनुमोदन समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
लाभार्थी का आधार एवं यूनिक डिसएबिलिटी आइडेंटिटी कार्ड (यूडीआईडी) सहित पूरा विवरण विभागीय पंजिका में दर्ज किया जाएगा। किसी आवेदन को निरस्त किए जाने की स्थिति में उसका स्पष्ट कारण दर्ज करने के साथ आवेदक को भी अवगत कराया जाएगा।