आईआईटी के पूर्व छात्र डॉ. नरेश चंद गुप्ता और निधि गुप्ता ने छात्रावास अवसंरचना के विकास हेतु ₹10 करोड़ का दिया योगदान |
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर, को उसके विशिष्ट पूर्व छात्र, उद्यमी एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र के अग्रणी विशेषज्ञ डॉ. नरेश चंद गुप्ता (BT/CSE/1988) एवं निधि गुप्ता द्वारा परिसर में छात्र आवासीय अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने के लिए ₹10 करोड़ का उदार योगदान प्राप्त हुआ है। यह योगदान आईआईटी कानपुर के आगामी हॉल ऑफ रेजिडेंस-15 में बनने वाले एक आवासीय टॉवर के निर्माण में उपयोग किया जाएगा। यह परियोजना संस्थान द्वारा गुणवत्तापूर्ण छात्र आवास की बढ़ती आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए विकसित की जा रही एक महत्त्वपूर्ण पहल है। इस समझौते के अंतर्गत संस्थान डॉ. गुप्ता की इच्छा के अनुरूप इस आवासीय टॉवर का नामकरण कर उनके योगदान को सम्मानित करेगा। विगत वर्षों में छात्र संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि को देखते हुए आईआईटी कानपुर ने लगभग 1,000 विद्यार्थियों के लिए चार आवासीय टॉवरों वाले एक नए हॉल ऑफ रेजिडेंस के निर्माण की योजना बनाई है।
डॉ. गुप्ता और निधि गुप्ता का यह योगदान इन चार टॉवरों में से एक के निर्माण में सहयोग प्रदान करेगा, जिससे विद्यार्थियों के लिए आधुनिक, टिकाऊ एवं छात्र-केंद्रित आवासीय वातावरण उपलब्ध कराया जा सकेगा।
प्रस्तावित आवासीय परिसर में आधुनिक सुविधाएं जैसे अध्ययन कक्ष, मनोरंजन क्षेत्र, भोजनालय, सहयोगात्मक लाउंज तथा दिव्यांगजन-अनुकूल अवसंरचना उपलब्ध होगी। साथ ही, इसमें सौर ऊर्जा का उपयोग, वर्षा जल संचयन, ऊर्जा-कुशल प्रणालियां तथा पर्यावरण-अनुकूल निर्माण तकनीकों जैसे सतत विकास उपायों को भी शामिल किया जाएगा।
डॉ. नरेश चंद गुप्ता AccuraCap के संस्थापक हैं, जो एक प्रौद्योगिकी-आधारित एसेट मैनेजमेंट फर्म है और निवेश के क्षेत्र में मात्रात्मक अनुसंधान तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करती है। आईआईटी कानपुर के कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग से स्नातक डॉ. गुप्ता ने यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड, कॉलेज पार्क से एम.एस. एवं पीएच.डी. की उपाधियां प्राप्त कीं। उनके डॉक्टरेट शोध ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, कंप्यूटर विज़न, मशीन लर्निंग तथा स्वचालित नियोजन जैसे क्षेत्रों में आधारभूत योगदान दिया।
भारत के वैश्विक अनुसंधान एवं विकास (R&D) पारिस्थितिकी तंत्र के प्रमुख निर्माताओं में से एक के रूप में विख्यात डॉ. गुप्ता ने एडोबी इंडिया की स्थापना की और उसे देश के सबसे सफल अनुसंधान एवं विकास केंद्रों में विकसित किया। उनके नेतृत्व में एडोबी इंडिया एक विश्वस्तरीय नवाचार केंद्र के रूप में विकसित हुआ, जहां हजारों इंजीनियर कार्यरत रहे और जिसने एडोबी इनडिज़ाइन, इलस्ट्रेटर, कैप्टिवेट, फोटोशॉप एलिमेंट्स और एक्रोबैट जैसे वैश्वि उत्पादों के विकास में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया। उनके अग्रणी योगदान के लिए उन्हें Silicon India द्वारा "Father of Offshore R&D" तथा Zinnov द्वारा "R&D Visionaries Award" से सम्मानित किया गया। प्रौद्योगिकी नवाचार, वैश्विक व्यावसायिक नेतृत्व तथा अनुसंधान-आधारित उद्यमिता में उनके उत्कृष्ट योगदान के सम्मानस्वरूप आईआईटी कानपुर ने उन्हें वर्ष 2025 का विशिष्ट पूर्व छात्र सम्मान प्रदान किया।
अपने योगदान पर विचार व्यक्त करते हुए डॉ. नरेश चंद गुप्ता ने कहा, "जहां महान प्रतिभाएं एक साथ आती हैं, वहीं महान विचार जन्म लेते हैं। मुझे ऐसे वातावरण के निर्माण में योगदान देकर गर्व का अनुभव हो रहा है, जहां असाधारण युवा प्रतिभाएं सीख सकें, सहयोग कर सकें और आजीवन मित्रता स्थापित कर सकें। मेरी आशा है कि यहां बिताया गया उनका समय उन्हें बड़े सपने देखने, अपनी पूर्ण क्षमता को साकार करने और समाज पर गहरी एवं सकारात्मक छाप छोड़ने के लिए प्रेरित करेगा।"
इस उदार सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने कहा, "हम छात्र अवसंरचना के विकास हेतु डॉ. नरेश चंद गुप्ता के इस उदार योगदान के लिए उनके प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं। आवासीय परिसर विद्यार्थियों के जीवन में सीखने, सामुदायिक सहभागिता और नेतृत्व क्षमता के विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनका यह सहयोग हमारी आवासीय सुविधाओं को सुदृढ़ करेगा तथा विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत विकास के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ संस्थान के दीर्घकालिक लक्ष्यों को भी आगे बढ़ाएगा।"
आईआईटी कानपुर के संसाधन एवं पूर्व छात्र अधिष्ठाता प्रो. अमेय करकरे ने कहा, "आईआईटी कानपुर में हमारे पूर्व छात्र संस्थान की उत्कृष्टता की यात्रा के सहभागी हैं। डॉ. नरेश चंद गुप्ता का यह उदार योगदान इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि पूर्व छात्रों का नेतृत्व आने वाली पीढ़ियों के लिए किस प्रकार स्थायी प्रभाव उत्पन्न कर सकता है। उनका सहयोग न केवल संस्थान की अवसंरचना को सुदृढ़ करेगा, बल्कि परोपकार की उस संस्कृति को भी और मजबूत करेगा, जो आईआईटी कानपुर को वैश्विक स्तर पर नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में निरंतर सहायक रही है।"
हॉल ऑफ रेजिडेंस-15 परियोजना आईआईटी कानपुर की उस व्यापक दृष्टि का हिस्सा है, जिसके अंतर्गत भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप ऐसी परिसर अवसंरचना विकसित की जा रही है जो शैक्षणिक उत्कृष्टता, छात्र कल्याण, सतत विकास तथा सामुदायिक जीवन को प्रोत्साहित करे। नई आवासीय सुविधाएं संस्थान की बढ़ती छात्र संख्या की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ समग्र परिसर अनुभव को भी समृद्ध बनाएंगी।
आईआईटी कानपुर, डॉ. नरेश चंद गुप्ता के इस महत्त्वपूर्ण सहयोग तथा शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार में संस्थान की उत्कृष्टता की परंपरा को आगे बढ़ाने के प्रति उनके सतत समर्थन के लिए अपना हार्दिक आभार व्यक्त करता है।