भूजल संरक्षण: गांवों में पानी की हर बूंद सहेजने की मुहिम शुरू
- 22 जुलाई को उत्कृष्ट कार्य करने वाले बच्चे, ग्राम प्रधान और अधिकारी होंगे सम्मानित
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | योगी सरकार के भूजल संरक्षण अभियान ने गुरुवार से जिले में रफ्तार पकड़ ली। भूजल संरक्षण सप्ताह के पहले दिन बिल्हौर के मकनपुर में अधिकारियों सहित जनसमुदाय ने ईशन नदी के पुनर्जीवन के लिए कुदाल उठाकर श्रमदान किया। वहीं, जिले की 590 ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण चौपाल, तालाबों के जीर्णोद्धार और वर्षा जल संचयन को लेकर विशेष अभियान शुरू हुआ। दूसरी ओर, शहर में बिना रेन वाटर हार्वेस्टिंग वाली बहुमंजिला इमारतों का सर्वे और नए सिस्टम विकसित करने की कार्ययोजना पर भी काम तेज कर दिया गया।बिल्हौर विकासखंड के मकनपुर गांव में ईशन नदी के जीर्णोद्धार कार्य का भूमि पूजन के साथ शुभारंभ किया गया। परियोजना निदेशक आलोक कुमार सिंह, ब्लॉक प्रमुख मनोरमा, जिला पंचायत राज अधिकारी मनोज कुमार , लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता अर्चना सिंह, हाइड्रोलॉजिस्ट, खंड विकास अधिकारी तथा ग्रामीणों ने नदी तट पर श्रमदान कर सफाई अभियान चलाया। इस दौरान चौपाल आयोजित कर जल संचयन एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया तथा उपस्थित लोगों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई। नदी तट पर पौधरोपण भी किया गया। अभियान के दौरान अमृत सरोवर सहित जल स्रोतों का पूजन भी किया गया।590 ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण चौपालजनपद की सभी 590 ग्राम पंचायतों में भूजल संरक्षण चौपालों का आयोजन शुरू कर दिया गया है। ग्रामीणों को वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, जल स्रोतों के संरक्षण तथा दूषित जल से होने वाली बीमारियों से बचाव के बारे में जागरूक किया जा रहा है। सभी विकासखंडों में पुराने तालाबों, कुओं और सरोवरों की सफाई एवं गहरीकरण का कार्य भी तेज किया गया है। सरकारी भवनों, पंचायत भवनों और विद्यालयों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम विकसित करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। वहीं, लघु सिंचाई विभाग पुराने चेक डैमों की मरम्मत और रखरखाव का कार्य भी करा रहा है, ताकि वर्षा जल का अधिकतम संचयन सुनिश्चित किया जा सके। केडीए और नगर निगम का एक्शन प्लानभूजल संरक्षण अभियान को शहरी क्षेत्र में भी प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए कानपुर विकास प्राधिकरण और नगर निगम ने कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत बहुमंजिला इमारतों, सरकारी कार्यालयों और निजी आवासीय सोसायटियों का सर्वे कराया जा रहा है। जिन भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं है, वहां नए सिस्टम विकसित करने की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। नगर निगम के जलकल विभाग की ओर से विभिन्न जोनों में कार्यशालाओं और शपथ कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है।स्कूलों में जल चेतना की पहलबेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग जिले की सभी 90 न्याय पंचायतों के विद्यालयों में चित्रकला और निबंध प्रतियोगिताएं आयोजित करा रहा है। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता विकसित करने के साथ उन्हें अपने परिवार और समाज को भी प्रेरित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को जिला स्तरीय कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा।22 जुलाई को होगा समापन समारोहभूजल संरक्षण सप्ताह का समापन 22 जुलाई को जिला स्तरीय कार्यक्रम के साथ होगा। इस अवसर पर सप्ताहभर संचालित गतिविधियों की समीक्षा की जाएगी तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले ग्राम प्रधानों, विद्यार्थियों, अधिकारियों और अन्य प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा।प्रचार रथ जगाएगा जल संरक्षण की अलखभूजल संरक्षण सप्ताह के शुभारंभ पर संयुक्त विकास आयुक्त कार्यालय से विशेष जनजागरूकता प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। "जल संरक्षण का करें संकल्प, नहीं है इसका कोई विकल्प" संदेश के साथ यह प्रचार रथ कानपुर मंडल के सभी जनपदों का भ्रमण करेगा और लोगों को वर्षा जल संचयन, भूजल संरक्षण तथा जल के विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति जागरूक करेगा।