राठ ब्लॉक कार्यालय खुद बदहाल, दीमक खा रही दीवारें, टूटी बाउंड्री,
-बजबजाती नालियां और धूल फांक रहा वाटर कूलर
जिला संवाददाता सुनील कुमार धुरिया
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस राठ ,हमीरपुर l गांव-गांव स्वच्छता और विकास योजनाओं की निगरानी करने वाला राठ विकास खंड कार्यालय खुद ही बदहाली का शिकार बना हुआ है। वर्षों से भवन और सरकारी आवासों की रंगाई-पुताई न होने से दीवारें बदरंग हो चुकी हैं। कई स्थानों पर दीमक दीवारों को खोखला कर रही है, जबकि परिसर में टूटी बाउंड्री, गंदगी से भरी नालियां और जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर विभागीय लापरवाही की तस्वीर पेश कर रहे हैं। लोगो ने भ्रष्टाचार के लगाए आरोप। ब्लॉक कार्यालय परिसर में खंड विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बने सरकारी आवास लंबे समय से मरम्मत की बाट जोह रहे हैं। आवासों की दीवारों पर जगह-जगह प्लास्टर उखड़ चुका है और दीमक लगने से रंग पूरी तरह उड़ गया है। कमरों के भीतर भी दीवारों की हालत खराब हो चुकी है। कर्मचारियों का कहना है कि एक दशक से अधिक समय बीत जाने के बावजूद भवनों की रंगाई-पुताई और मरम्मत नहीं कराई गई। कार्यालय भवन की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। कई हिस्से जर्जर हो चुके हैं, जिससे कर्मचारियों और प्रतिदिन आने वाले ग्रामीणों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
परिसर में पेयजल व्यवस्था भी बदहाल है। सार्वजनिक शौचालय में पानी की टंकी तक नहीं लगी है और कुछ स्थानों पर अब तक पानी के कनेक्शन नहीं जोड़े गए हैं। हैरानी की बात यह है कि पिछले वर्ष लगभग एक लाख रुपये की लागत से खरीदा गया वाटर कूलर आज तक उपयोग में नहीं लाया गया और धूल फांक रहा है। ब्लॉक परिसर के पीछे तहसील की ओर बनी बाउंड्री वॉल भी कई स्थानों से टूट चुकी है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं पांच वर्ष पहले पुराने सरकारी अभिलेख सुरक्षित रखने के उद्देश्य से बनाए गए अभिलेखागार भवन की भी आज तक रंगाई-पुताई नहीं कराई गई, जिससे नया भवन भी उपेक्षा का शिकार नजर आता है। परिसर के भीतर बनी नालियां गंदगी से बजबजा रही हैं और कई स्थानों पर कूड़े के ढेर लगे हैं। नियमित सफाई न होने से दुर्गंध फैल रही है, जबकि यही कार्यालय ग्राम पंचायतों में स्वच्छता अभियान की निगरानी करता है। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का कहना है कि जब विकास योजनाओं का संचालन करने वाला ब्लॉक कार्यालय ही बदहाल है, तो गांवों में विकास और स्वच्छता व्यवस्था की स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से ब्लॉक कार्यालय, सरकारी आवासों और पूरे परिसर की तत्काल मरम्मत, रंगाई-पुताई, सफाई और पेयजल व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है। मामले में गोलमोल तरीके से खण्ड विकास अधिकारी मनोज कुमार गुप्ता ने बताया कि शासन स्तर पर पत्राचार होता रहता है बजट के अभाव में मरम्मत और रंगाई पुताई करना संभव नहीं, बजट आते ही कार्य कराया जायेगा।