रिटायर्ड शिक्षक से 43 लाख की साइबर ठगी
- तीन साल तक बोनस,एजेंट कोड और टीडीएस का झांसा देकर ऐंठी रकम
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। गुजैनी क्षेत्र में साइबर ठगों ने एक सेवानिवृत्त शिक्षक को बीमा पॉलिसी में अधिक लाभ और परिपक्वता राशि दिलाने का झांसा देकर करीब तीन वर्षों तक अपने जाल में फंसाए रखा। इस दौरान एजेंट कोड बदलने, बोनस, टीडीएस और अन्य शुल्क के नाम पर उनसे कुल 43.15 लाख रुपये अलग-अलग खातों में जमा करा लिए। मामले का खुलासा तब हुआ, जब ठगों की लगातार मांग पर शिक्षक एफडी तुड़वाने बैंक पहुंचे और बैंक प्रबंधक को संदेह होने पर पूरी सच्चाई सामने आई।अंबेडकर नगर निवासी प्रेमदत्त शर्मा, जो गुमटी स्थित जीएन इंटर कॉलेज से सेवानिवृत्त शिक्षक हैं, ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2024 में खुद को बीमा कंपनी का प्रतिनिधि बताने वाले लोगों के झांसे में आकर नई पॉलिसी और एजेंट कोड बदलने के नाम पर रकम जमा करनी शुरू की। इसके बाद बोनस कार्ड, पॉलिसी लाभ, नियामक प्रक्रिया और टीडीएस जमा कराने जैसे बहाने बनाकर उनसे लगातार लाखों रुपये ट्रांसफर कराए गए। ठग ऑनलाइन फर्जी दस्तावेज भेजकर उन्हें भरोसे में लेते रहे।जब ठगों ने और रकम की मांग की तो शिक्षक एफडी तुड़वाने बैंक पहुंचे। बैंक प्रबंधक ने कारण पूछने पर पूरी जानकारी ली और साइबर ठगी की आशंका जताई। इसके बाद पीड़ित को अपने साथ हुई ठगी का अहसास हुआ। गुजैनी थाना प्रभारी राजन शर्मा ने बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। मोबाइल नंबरों और बैंक खातों के जरिए आरोपितों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।