करोड़ों रूपये मरम्मत कार्य में खर्च फिर भी नहीं बंद हुए मौदहा बांध के 6 फाटक-
घंटों मशक्कत करते रहे अफसर
जिला संवाददाता सुनील कुमार धुरिया
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस मुस्करा,हमीरपुर - मौदहा बांध में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बांध के छह फाटक बंद कराने में जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के पसीने छूट गए। फाटक बंद कराने के लिए सायरन बजाया जाता रहा, लेकिन घंटों मशक्कत के बावजूद सभी फाटक बंद नहीं हो सके। इस दौरान पानी लगातार बहकर बर्बाद होता रहा। मौदहा बांध, जिसे स्वामी ब्रह्मानंद बांध भी कहा जाता है, की इस स्थिति ने बांध में कराए गए करोड़ों रुपये के मरम्मत कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि फाटकों की मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए गए, लेकिन इसके बावजूद फाटक ठीक से संचालित नहीं हो रहे हैं। ग्रामीणों ने मरम्मत कार्य में भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है।
मरम्मत कार्य के बाद भी तकनीकी खामी
ग्रामीणों का कहना है कि यदि मरम्मत कार्य मानक के अनुसार हुआ होता और अधिकारियों ने इसकी नियमित निगरानी की होती तो छह फाटकों को बंद कराने में इतनी परेशानी नहीं होती। फाटकों की स्थिति सामने आने के बाद विभाग अब आनन-फानन में दोबारा काम कराने में जुटा है।
अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल
ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता और जेई की भूमिका की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि पूर्व में कराए गए कार्य की गुणवत्ता की तकनीकी जांच के साथ सरकारी धन के खर्च का भौतिक सत्यापन कराया जाए। अब बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी बांध के छह फाटक समय पर क्यों नहीं बंद हो सके और इसके लिए जिम्मेदार कौन है? विभागीय जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी।