जलभराव में फंसे 25 परिवारों के बचाव में उतरी एनडीआरएफ, भौती-पनका पुल बंद
-गोपालपुरम-जरौली फेज-2 में राहत एवं बचाव कार्य शुरू, पुल के ऊपर से बह रहा पांडु नदी का पानी
-बाढ़ प्रभावितों के लिए कम्युनिटी किचन का संचालन शुरू
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर।पांडु नदी का पानी बढ़ने से गुरुवार को गोपालपुरम और जरौली फेज-2 के निचले इलाकों में जलभराव हो गया। करीब 25 परिवारों के पानी के बीच फंसे होने की सूचना पर एनडीआरएफ को बुलाया गया। टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। प्रशासन की टीमें भी प्रभावित इलाकों में मौजूद हैं।
इससे पहले बुधवार देर रात संयुक्त मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर अनुभव सिंह और तहसीलदार सदर विनय द्विवेदी ने पांडु नदी के जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया था। दोनों अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों और स्थानीय लोगों से बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली। प्रभावितों के लिए राहत किट की व्यवस्था भी कराई गई है।
गुरुवार को ग्राम पनका बहादुर नगर में भौती-पनका संपर्क मार्ग के पुल के ऊपर से पांडु नदी का पानी बहने लगा। प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए पुल पर बैरिकेडिंग कराकर आवागमन पूरी तरह बंद करा दिया। स्थानीय पुलिस को मौके पर सतर्क रहने और पुल से आवागमन प्रतिबंधित रखने के निर्देश दिए गए हैं।
उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के सदस्य रमेश चंद्र कुंडे ने भी मायापुरम और रविदासपुरम के जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं। साथ ही जलभराव वाले इलाकों में रह रहे लोगों को सुरक्षा के दृष्टिगत निकट स्थित बाढ़ आश्रय स्थल श्री विशम्भर नाथ ठाकुर इंटर कॉलेज में पहुंचने के लिए प्रेरित किया।
बाढ़ आश्रय स्थल पर प्रभावितों के लिए कम्युनिटी किचन का संचालन शुरू कर दिया गया है, जहां रोजाना लगभग 400 लोग भोजन कर रहे हैं। प्रशासन पांडु नदी के जलस्तर और प्रभावित इलाकों की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है।