5600 करोड़ की साइबर ठगी गिरोह का खुलासा दो गिरफ्तार
- एनसीआरपी पोर्टल पर मिली 86 शिकायतें, 76 कंपनियों में आयी फ्रॉड की रकम
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने 5,600 करोड़ रुपए की साइबर ठगी से जुड़े मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। आरोपियों की निशानदेही पर जाजमऊ स्थित एक फार्म हाउस में छापा मारा गया। यहां से पुलिस ने 65 लाख रुपए बरामद किए। पुलिस का दावा है कि यह रकम ऑनलाइन गेमिंग और हवाला के जरिए किए गए साइबर फ्रॉड से जुटाई गई थी।पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले का खुलासा किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बेकनगंज निवासी साहजेव वारिस और चमनगंज में हलीम कॉलेज के पास रहने वाले सलमान के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, वारिस के खिलाफ नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर 22 शिकायतें दर्ज थीं। जांच के दौरान पुलिस को उसके 11 बैंक खातों की जानकारी मिली। इन खातों में करीब 170 करोड़ रुपए का लेनदेन होने की बात सामने आई है। पुलिस अब इन खातों में हुए लेनदेन का ब्योरा खंगाल रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि रकम किन लोगों से आई और कहां-कहां भेजी गई। दूसरे आरोपी सलमान के खिलाफ NCRP पर 32 शिकायतें दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। जांच में उसके दो बड़े बैंक खातों का पता चला। पुलिस के अनुसार, इन खातों में करीब 16 करोड़ रुपए का ट्रांजैक्शन हुआ है। पुलिस इन खातों के लेनदेन और साइबर ठगी से इनके संबंध की जांच कर रही है। पुलिस ने दोनों आरोपियों से पूछताछ की। उनकी निशानदेही पर जाजमऊ स्थित एक फार्म हाउस में छापा मारा गया। यहां से 65 लाख रुपए नकद बरामद किए गए। पुलिस का दावा है कि बरामद रकम ऑनलाइन गेमिंग और हवाला के जरिए चलाए जा रहे साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़ी है। रकम किसके पास से आई और इसे फार्म हाउस में क्यों रखा गया था, इसकी जांच जारी है। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों, मोबाइल फोन और लेनदेन की जानकारी खंगाल रही है। जांच का फोकस इस बात पर है कि साइबर ठगी की रकम किन खातों में पहुंचती थी और उसे हवाला या अन्य माध्यमों से कैसे खपाया जाता था।
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