आलू मुद्दे पर सपाइयों का प्रदर्शन, पुतला फूंका; पुलिस से झड़प
-मामला कन्नौज जिला मुख्यालय पर सपा के प्रदर्शन का
-प्रदर्शन में कांवड़ लेकर पहुंची सपा महिला नेता और कार्यकर्ता, देखने को लगी भीड़
-सरकार का पुतला फूंकने को लेकर पुलिस और सपाइयों में तीखी झड़प
-पुलिस की चाक चौबंद व्यवस्था के बाद भी प्रदर्शन स्थल पर पुतला कैसे पहुंचा,बना चर्चा का विषय
कन्नौज ब्यूरो पवन श्रीवास्तव के साथ प्रिंस श्रीवास्तव
हिंदुस्तान न्यूज एक्सप्रेस कन्नौज संवाददाता।कन्नौज में आलू किसानों को आलू का वाजिब मूल्य नहीं मिलने को लेकर सोमवार को सपा मुखिया के आवाहन पर सपा महिला और पुरुष नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया।प्रदर्शन के दौरान सपाइयों ने पुलिस व्यवस्था की आंखों में धूल झोंक कर चोरी छिपे सरकार का पुतला भी फूंक दिया। इस दौरान सपाइयों की पुलिस से झड़प भी हुई। पुतला प्रदर्शन स्थल पर कैसे पहुंचा जहां यह चर्चा का विषय बना रहा, वहीं कुछ सपा नेताओं ने पुतला किसने फूंका इसको लेकर कुछ भी साफ नहीं किया।बताते चलें कि सोमवार को सपा मुखिया और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आवाहन पर कन्नौज के सपाइयों ने अपनी बड़ी संख्या में मौजूदगी दर्शाकर आलू किसानों की समस्याओं को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।दोपहर करीब 12 बजे के करीब जिला कलेक्ट्रेट मुख्यालय पर सपाइयों का प्रदर्शन हुआ। इस दौरान जहां कई सपाई महिला पुरुष अपने अपने गले में आलू की मालाएं पहने नजर आ रहे थे वहीं सपा महिला नेत्री शशिमा सिंह दोहरे कई महिला कार्यकर्ताओं के साथ आलू की कांवड़ लेकर कलेक्ट्रेट पहुंची। पूँछने पर उनका कहना था कि वह आलू की कांवड़ डीएम को समर्पित करेंगी, ताकि किसानों की समस्या सरकार तक पहुंच सके और उन्हें आलू का वाजिब दाम मिल सके। इस दौरान पार्टी के जिलाध्यक्ष कलीम खान की अगुवाई में जिले के कई सपा महिला पुरुष नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
प्रदर्शन के दौरान आलू की कांवड़ और कई सपाइयों के गले में आलू की माला देखने को बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ भी लगी रही। कलीम खान, पूर्व विधायक अरविंद प्रताप सिंह, ताहिर हुसैन सिद्दकी,शशिमा सिंह, कल्यान सिंह दोहरे,सहित दिनेश बॉथम, सलोवा नेता अंशू पाल, इंद्रेश यादव, दिलशाद हुसैन,कलीमुद्दीन खान, हबीब हसन, कुक्कू चौहान आदि का कहना था कि किसानों को आलू का वाजिब दाम नहीं मिलने से उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कई किसान तो कर्ज में डूबे हुए हैं। बच्चों की शादी से लेकर घर खर्च, आदि कई समस्याओं से जूझ रहे आलू किसानों की समस्या को सरकार अनसुना कर रही है।सपाई नेताओं का कहना था कि सरकार किसानों से अधिक कावंड यात्राओं पर अधिक ध्यान दे रही है, इसलिए कांवड़ यात्रा निकाल कर सरकार का ध्यान अपनी ओर खींचा जा रहा है, इसके अलावा कांवड़ डीएम को समर्पित कि जा रही है कि उनके माध्यम से सरकार किसानों की समस्या को सुने और उसका निदान करे।सपाइयों के प्रदर्शन को लेकर जिले के कई थानों का पुलिस बल भी बड़ी संख्या में मौजूद नजर आया।सीओ सिटी शिल्पा वर्मा,कन्नौज कोतवाली जितेंद्र प्रताप,तिर्वा, गुरसहायगंज का भी पुलिस बल मौजूद रहा। कलेक्ट्रेट रोड पर जाम की स्थित से निपटने को ट्रैफिक पुलिस भी मौजूद रही। ट्रैफिक इंचार्ज रवी शंकर त्रिपाठी और टीएसआई अरशद अली के साथ कई ट्रैफिक पुलिस कर्मी मौजूद रहे।बताते चलें कि जहां एक ओर सपाइयों का प्रदर्शन जारी था वहीं दूसरी ओर मौका पाकर और बड़ी संख्या में मौजूद पुलिस की आंखों में धूल झोंक कर सपाइयों के एक समूह ने सरकार का पुतला भी फूंक दिया। इस दौरान सूचना मिलते ही मौके पर कोतवाली प्रभारी कन्नौज जितेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में पहुंची पुलिस बल और सपाइयों के बीच तीखी झड़प भी होती नजर आई।बताते चलें कि आलू किसानों को लेकर सपा का सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट मुख्यालय पर सपाइयों का प्रदर्शन होना था। एक ओर जहां बड़ी संख्या में सपाई आलू किसानों की लेकर प्रदर्शन में जुटे हुए थे वहीं दूसरी ओर एडीएम आवास के सामने ग्राउंड में लगे टेंट पर कुछ सपाई धरना प्रदर्शन कर रहे थे।इसी बीच सपाइयों के एक झुंड ने टेंट के पीछे जाकर सरकार का पुतला फूंक दिया।इस दौरान कुछ महिला पुरुष सपाई भी मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी नजर जमाए पुलिस को जैसे ही टेंट के पीछे से धुंआ निकलता नजर आया तो सदर कोतवाली प्रभारी जितेंद्र प्रताप सिंह बड़ी संख्या में पुलिस बल टेंट के पीछे की ओर दौड़ पड़ा। इस बीच जहां सपाई सरकार के पुतले को आग लगा चुके थे वहीं मौके पर पहुंची पुलिस ने जलता हुआ पुतला छीन लिया। पुतला छीने जाना से नाराज एक सपा नेत्री ने इस पर आपत्ति भी जताई। आखिर पुलिस ने सपाइयों से पुतला छीनने के बाद बुझा दिया।इस दौरान सपाइयों की कोतवाली प्रभारी जितेंद्र प्रताप सिंह से झड़प भी होती नजर आई।सरकार का पुतला दहन करने की सपाइयों की योजना जहां सफल रही वहीं चप्पे चप्पे पर मौजूद पुलिस बल की कड़ी निगरानी के बीच आखिर पुतला कैसे धरना स्थल तक पहुंच गया और जल भी गया, इसको लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। पुलिस ने जब पुतला दहन करने वालों के बारे में खोजबीन शुरू की और कुछ सपा नेताओं जय कुमार तिवारी, शशिमा सिंह दोहरे आदि से इस मामले में जानकारी की तो सपा नेताओं ने अनभिज्ञता जता दी।आशंका जताई गई कि,किसी सपा नेता की कार से पुलिस की आंखों में धूल झोंक कर पुतला धरना स्थल तक ले जाया गया और मौका पाकर पुतले को जलाया गया।इस दौरान जहां आलू किसानों को लेकर किए गए प्रदर्शन में जुटी भीड़ पुतला जलने की खबर पर मौके की ओर दौड़ने लगी, वहीं इस दौरान कुछ समय तक अफरा तफरी का भी माहौल नजर आया।आखिर जिले के सपा नेताओं ने आलू किसानों को लेकर किए गए प्रदर्शन को सफल होने का दावा किया।पूरे प्रदर्शन के दौरान सैकड़ों की संख्या में सपाई,लोगों की भीड़ और पुलिस बल मौजूद नजर आया।
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