होम कानपुर कानपुर आस-पास अपना प्रदेश राजनीति देश/विदेश स्वास्थ्य खेल आध्यात्म मनोरंजन बिज़नेस कैरियर संपर्क
 
  1. उत्तर प्रदेश-वाराणसी पहुंचे जगद्गुरु रामभद्राचार्य,बाबा काशी विश्वनाथ का किया दर्शन पूजन
  2.      
  3. कानपुर-समाधान दिवस में डीएम के सामने पेट्रोल छिड़क कर युवक ने किया आत्मदाह का प्रयास,मचा हड़कंप,समस्या समाधान होने पर युवक ने मांगी माफी
  4.      
  5. दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकारी आवास पहुंचे....
  6.      
  7. मुंबई- नहीं रहे फिल्म अभिनेता धर्मेंद्र 89 साल की उम्र में फिल्म अभिनेता धर्मेंद्र ने ली अतिंम सांस
  8.      
  9. आंध्र प्रदेश-आंध्र प्रदेश के वेंकटेश्वर मंदिर में भगदड़ इस में कुछ श्रद्धालुओं की मौत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू,ने दुख जताया।
  10.      
  11. कानपुर - रघुवीर लाल बनाए गए नए पुलिस कमिश्नर
  12.      
  13. कानपुर- बेकनगंज के तीन मंजिला मकान में भीषण आग, मौके पर पहुंची पुलिस और फायर ब्रिगेड ने पाया आग पर काबू
  14.      
  15. अहमदाबाद-अहमदाबाद में एयर इंडिया का प्लेन क्रैश, कई यात्री होने की सूचना
  16.      
  17. कानपुर-कानपुर में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा ₹47,600 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास/लोकार्पण
  18.      
  19. कानपुर -असम सरकार के मंत्री ने शुभम द्विवेदी के परिजनों को सौंपी पांच लाख की चेक
  20.      
  21. कानपुर-कलेक्टरगंज थाना क्षेत्र के गल्ला मंडी में लगी भीषण आग,मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की गाड़ियां
  22.      
  23. उत्तर प्रदेश-मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी ने प्रयागराज महाकुंभ में त्रिवेणी संगम में लगाई डुबकी
  24.      
  25. उत्तर प्रदेश -राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी ने प्रयागराज संगम में लगाई डुबकी
  26.      
  27. वाराणसी - फिल्म अभिनेता ब्रह्माजी विश्व प्रसिद्ध मां गंगा आरती में पहुंचे किया दर्शन पूजन
  28.      
  29. वाराणसी -भारतीय खिलाड़ी स्नेह राणा पहुंची विश्व प्रसिद्ध मां गंगा आरती में
  30.      
  31. कई दिन पुरानी दो कुंटल सड़ी मिठाई बरामद की गई,तीनों कारखानों को सील कर टीम ने चस्पा की नोटिस ,सौरिख थाना क्षेत्र के बेहटा रामपुर में टीम ने मारा छापा
  32.      
  33. खाद्य विभाग की टीम ने मिठाई फैक्ट्री में मारा छापा,पांच भाई 3 कारखानों में बना रहे थे केमिकल वाली मिठाई
  34.      
  35. पुलिस और प्रदूषण विभाग कार्रवाई करेगा,फैक्ट्री चल रही थी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं थे,पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाएगा
  36.      
  37. मच्छर अगरबत्ती की फैक्ट्री में 2 की मौत का मामला,राज्यमंत्री असीम अरुण ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की
  38.      
  39. सदर कोतवाली क्षेत्र के इशवा पुर का मामला
  40.      
 
 
आप यहां है - होम  »  कानपुर आस-पास  »  फसल अवशेष प्रबंधन पर पाँच दिवसीय कृषक प्रशिक्षण का समापन
 
फसल अवशेष प्रबंधन पर पाँच दिवसीय कृषक प्रशिक्षण का समापन
Updated: 9/18/2026 10:28:00 PM By Reporter- rajesh kashyap kanpur

फसल अवशेष प्रबंधन पर पाँच दिवसीय कृषक प्रशिक्षण का समापन 
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | सीएसए के अधीन संचालित कृषि विज्ञान केंद्र दिलीप नगर में फसल अवशेष प्रबंधन पर पाँच दिवसीय  प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का विषय मशीनो द्वारा फ़सल अवशेषों का प्रबंधन था जिसमें पूरे कानपुर देहात जिले के 25 किसानों ने भाग लिया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को फ़सल अवशेषों के प्रबंधन की विभिन्न तकनीकों के बारे में प्रशिक्षण देना था।कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र  बांदा के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉक्टर श्याम सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होने फ़सल अवशेषों से बनाए जा सकने वाली कंपोस्ट को बनाने की विधि के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि खेत में पराली को आग लगाने से मिट्टी में विद्यमान् सूक्ष्म जीवों और  केंचुओ की संख्या में बहुत नुक़सान होता है जिससे मिट्टी की उर्वरता पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा उन्होंने फ़सल अवशेष प्रबंधन के अन्य विकल्पों जैसे पराली से बायो गैस उत्पादन, मशरूम उत्पादन, पैकिंग सामग्री के रूप में फसल अवशेषों के उपयोग आदि पर भी प्रकाश डाला।    केंद्र के प्रभारी डॉक्टर अजय कुमार सिंह ने बताया कि गेहूं-धान फ़सल चक्र में काफ़ी मात्रा में फसलों अवशेष उत्पन्न होते हैं। गेहूं की प्रणाली पशुओं के चारे के तौर पर इस्तेमाल की जाती है व इसका प्रबंधन करने के लिए डेढ़ महीने का समय भी मिल जाता है इसलिए गेहूं की पराली प्रबंध में समस्या नहीं आती। लेकिन धान की लंबी अवधि की किस्मों की कटाई और गेहूं की बुवाई में सिर्फ़ 15 दिन का ही समय मिलता है व पराली के चारे के रूप में कम इस्तेमाल से धान की पराली प्रबंधन एक चुनौती हैं।  उन्होंने बताया की धान की कम अवधि की किस्मों जैसे पी बी 1509, पी बी 1692 आदि की बुआई से धान की पराली प्रबंधन के लिए लगभग एक महीने का पर्याप्त समय मिल जाता है इसलिए उन्होंने किसानों से अपील की कि वे जल संरक्षण तथा पराली न जलाने के लिए खुद भी प्रेरित हो व और साथी किसानों को भी जागरूक करें ताकि हम होने वाली पीढिय़ों के लिए एक वातावरण बचा सके।केंद्र के वैज्ञानिक डॉक्टर खलील खान ने पराली के यथासंभव प्रबंधन द्वारा मृदा स्वास्थ्य पर होने वाले सकारात्मक प्रभाव के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने मृदा संरक्षण व गेहूं की बुवाई में इस्तेमाल होने वाली मृदा संरक्षण केंद्रित मशीनों जैसे ज़ीरो ट्रिल ड्रिल, हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, स्मार्ट सीडर के बारे में बताया व उनके  प्रयोग से मृदा के भोतिक गुणों में होने वाले सुधार के बारे में विस्तार से बताया।  वेज्ञानिक डॉ दीपक मिश्रा ने विभिन्न मशीनों के द्वारा किए जाने वाले पराली प्रबंधन से होने वाले आर्थिक लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी व उन्हे पराली से होने वाले विभिन्न व्यवसाओ व उनमें मिलने वाली सब्सिडी के बारे में बताया। इस मौके पर डॉ राजेश राय, डॉ अरुण कुमार सिंह, उपेन्द्र कुमार सिंह, दिव्यांशु यादव, शुभम यादव प्रगतिशील किसान चरन सिंह, अशोक, जय सिंह, आदि ने भी अपने विचार साझा किए।

Share this :
   
State News से जुड़े हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए HNS के फ़ेसबुक पेज को लाइक करें
 
प्रमुख खबरे
सेवा संकल्प अभियान में 452 लोगों ने किया रक्तदान
गंगा टास्क फोर्स ने एनसीसी कैडेट्स के साथ चलाया जागरूकता अभियान
विवि में गूंजे हनुमान अंश के गायक सुनील लोधी के भजन
हाफले ने कानपुर में नए डिज़ाइन स्टूडियो के साथ उत्तर प्रदेश में अपनी मौजूदगी बढ़ाई
भारत में लॉन्च हुई नई बीएमडब्ल्यू 7 सीरीज़ रेंज
 
 
 
Copyright © 2016. all Right reserved by Hindustan News Express | Privecy policy | Disclimer Powered By :