घाटमपुर राजकीय पॉलिटेक्निक में 7.06 करोड़ से बन रहा टाटा सेंटर ऑफ एक्सिलेंस
- छात्रों को मिलेंगे बेहतर तकनीकी प्रशिक्षण और स्किल डेवलपमेंट के अवसर
- मौके पर बंद मिला निर्माण कार्य, डीएम ने जताई नाराजगी; अधिशासी अभियंता से मांगा स्पष्टीकरण हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | घाटमपुर राजकीय पॉलिटेक्निक के छात्रों को आधुनिक उद्योगों की जरूरत के अनुरूप तकनीकी प्रशिक्षण और स्किल डेवलपमेंट के अवसर उपलब्ध कराने के लिए 7.06 करोड़ रुपये की लागत से टाटा सेंटर ऑफ एक्सिलेंस का निर्माण कराया जा रहा है। शनिवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने निर्माणाधीन सेंटर का निरीक्षण कर परियोजना की प्रगति और निर्माण कार्य की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मौके पर निर्माण कार्य बंद मिलने और मजदूरों की संख्या कम पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने मजदूरों की संख्या बढ़ाकर निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।आवास विकास परिषद द्वारा राजकीय पॉलिटेक्निक परिसर में जी+2 भवन के रूप में टाटा सेंटर ऑफ एक्सिलेंस का निर्माण कराया जा रहा है। परियोजना का निर्माण कार्य 5 जून 2026 को शुरू हुआ था और इसे मई 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। वर्तमान में करीब 23 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। टाटा सेंटर ऑफ एक्सिलेंस के विकसित होने से पॉलिटेक्निक के विद्यार्थियों को परंपरागत कक्षाओं के साथ नई औद्योगिक तकनीकों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। ऐसे सेंटरों के लिए प्रस्तावित एडवांस स्किल पाठ्यक्रमों में एडवांस ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक व्हीकल, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग, इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन एवं रोबोटिक्स, प्रोडक्ट डिजाइन, क्वालिटी कंट्रोल तथा एआई एवं मशीन लर्निंग जैसी आधुनिक तकनीकें शामिल हैं। इससे विद्यार्थियों को उद्योगों की बदलती जरूरतों के अनुरूप व्यावहारिक कौशल विकसित करने और रोजगार के लिए बेहतर तरीके से तैयार होने का अवसर मिलेगा। जिलाधिकारी ने निर्माण स्थल का निरीक्षण करते हुए कार्य की प्रगति की जानकारी ली। मौके पर निर्माण गतिविधियां बंद मिलने तथा परियोजना प्रगति रजिस्टर में पर्याप्त संख्या में मजदूर नहीं पाए जाने पर उन्होंने आवास विकास परिषद के अधिशासी अभियंता से स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने पूछा कि निर्माण स्थल पर मजदूरों की संख्या कम क्यों है और निरीक्षण के समय निर्माण कार्य बंद क्यों मिला जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि परियोजना पर तत्काल पर्याप्त संख्या में मजदूर लगाए जाएं और कार्य की गति बढ़ाई जाए। निर्माण कार्य की नियमित निगरानी करते हुए इसे निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा कराया जाए, ताकि सेंटर का लाभ विद्यार्थियों को समय से मिल सके। निरीक्षण के दौरान राजकीय पॉलिटेक्निक घाटमपुर के प्राचार्य कुलदीप सिंह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।