37वीं वाहिनी पीएसी में 32.58 करोड़ से बन रहे 108 आवास, डीएम ने किया निरीक्षण
-मल्टी-स्टोरी आवासीय ब्लॉकों से पीएसी कार्मिकों को मिलेगी बेहतर आवासीय सुविधा |
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | 37वीं वाहिनी पीएसी में कार्मिकों की आवासीय सुविधा बढ़ाने के लिए करीब 32.58 करोड़ रुपये की लागत से 108 आवासों का निर्माण कराया जा रहा है। मल्टी-स्टोरी आवासीय ब्लॉकों के निर्माण से बड़ी संख्या में पीएसी कार्मिकों को परिसर में ही बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। शनिवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने निर्माणाधीन आवासीय परियोजना का निरीक्षण कर कार्य की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लिया।उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कार्पोरेशन लिमिटेड की निर्माण इकाई-10, कानपुर द्वारा परियोजना का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण कार्य 16 मार्च 2026 को शुरू हुआ था और इसे 15 मार्च 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित है। परियोजना के अंतर्गत अलग-अलग मल्टी-स्टोरी ब्लॉकों में कुल 108 आवास बनाए जाने हैं।निरीक्षण के दौरान परियोजना प्रबंधक ने जिलाधिकारी को बताया कि ब्लॉक एक, दो और तीन में फाउंडेशन एवं कॉलम कास्टिंग का कार्य पूरा हो चुका है। इन ब्लॉकों के फाउंडेशन में ब्रिक वर्क का कार्य चल रहा है, जबकि ब्लॉक चार और पांच में फाउंडेशन की खुदाई का कार्य प्रगति पर है।जिलाधिकारी ने ब्लॉक एक, दो और तीन में कराए गए निर्माण कार्य का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान बनाए गए फाउंडेशन में एकरूपता नहीं मिली और कॉलम का एलाइनमेंट भी ठीक नहीं पाया गया। फाउंडेशन के संपूर्ण स्ट्रक्चर की फिनिशिंग भी संतोषजनक नहीं मिली। इस पर जिलाधिकारी ने परियोजना प्रबंधक को फाउंडेशन के पूरे कार्य की तकनीकी जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने जांच के आधार पर आवश्यक सुधार कराते हुए फाउंडेशन के स्ट्रक्चर की फिनिशिंग सही ढंग से पूर्ण कराने और निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को कहा।आवासीय परिसर में आवासों के साथ आवश्यक आधारभूत सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। परियोजना में पंप हाउस, बाह्य सीवरेज, बाह्य विद्युतीकरण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, ट्यूबवेल मय बोरिंग, स्टॉर्म वाटर ड्रेन, सीसी रोड, कर्ब स्टोन, इंटरलॉकिंग तथा परिसर में मिट्टी भराई के कार्य भी स्वीकृत हैं। निरीक्षण के दौरान उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कार्पोरेशन लिमिटेड के परियोजना प्रबंधक संकल्प वर्मा, 37वीं वाहिनी पीएसी के कमांडेंट सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।