जिला आपदा प्रबंधन द्वारा छात्रों ने सीखे आत्मरक्षा के गुर
- माॅक डि्ल की शुरुआत काॅलेज के मुख्य ब्लाक में एक कृत्रिम आग के अलार्म के साथ हुई |हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | प्राधिकरण कानपुर नगर और रेड क्रॉस सोसाइटी कानपुर द्वारा जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट कॉलेज साकेत नगर के परिसर में लखन कुमार शुक्ला मुख्य प्रशिक्षक आपदा प्रबन्धन कानपुर के सहयोग से एक वृहद फायर सेफ्टी प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ प्रो दिव्या चौधरी ने किया कॉर्डिनेट तानिया खुराना आपदा सेल जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट कॉलेज ने किया प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य संस्थान के छात्र-छात्राओं, प्राध्यापकों और गैर-शिक्षण स्टाफ को आग जैसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए व्यावहारिक रूप से प्रशिक्षित करना था।मॉक ड्रिल की शुरुआत कॉलेज के मुख्य ब्लॉक में एक कृत्रिम आग (Mock Fire) के अलार्म के साथ हुई। अलार्म बजते ही कॉलेज के आपातकालीन सुरक्षा दल ने मुस्तैदी दिखाते हुए पूरे परिसर को निर्धारित समय के भीतर सुरक्षित रूप से खाली (Evacuate) करा लिया। सभी छात्रों और स्टाफ सदस्यों को सुरक्षित रूप से कॉलेज के खुले मैदान (Assembly Point) में एकत्र किया गया।इस अवसर पर लखन कुमार शुक्ला मुख्य प्रशिक्षक आपदा प्रबन्धन कानपुर ने सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा, "आग लगने की स्थिति में घबराने के बजाय समझदारी और धैर्य से काम लेना चाहिए। सही समय पर उठाया गया सही कदम बड़ी जन-धन की हानि को रोक सकता है।श्री शुक्ल ने आग के करण आग के प्रकार आग बुझाने के सिद्धांत पर चर्चा करते हुए छात्रों को विभिन्न प्रकार के फायर एक्स्टिंग्विशर (Fire Extinguishers) जैसे CO2 और ड्राई पाउडर को चलाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। आग में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और उन्हें प्राथमिक चिकित्सा (First Aid) देने का लाइव डेमो दिखाया गया। रसोई गैस (LPG) सिलेंडर और इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट से लगने वाली आग को बुझाने के आसान और प्रभावी तरीके सिखाए गए।कार्यक्रम के अंत में कॉलेज के डॉ. प्रो. अनिल कुमार डीन जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट कॉलेज ने लखन कुमार शुक्ला मुख्य प्रशिक्षक आपदा प्रबंधन कानपुर एवं टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में इस तरह के सुरक्षा अभ्यास बेहद जरूरी हैं ताकि किसी भी अनहोनी के समय हमारे छात्र और स्टाफ पूरी तरह तैयार रहें। इस दौरान कॉलेज के सभी विभागों के विभागाध्यक्ष, शिक्षक और भारी संख्या में छात्र उपस्थित रहे।
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