जुलूस मे सियासी, जज़्बाती नारे ना लगाये जाने की,कि अपील
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | खानकाहों के खादिमों की एक मीटिंग खानकाहे हुसैनी कर्नेलगंज में जुलूस ए गौसिया को लेकर हुई कानपुर की आवाम से अपील व जिला प्रशासन से सभी व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की।मीटिंग का आगाज़ तिलावते कुरान-ए-पाक से हाफिज़ मोहम्मद कफील ने किया। खानकाहों के खादिमों ने कानपुर की आवाम से जुलूस ए गौसिया को यादगार बनाने के लिए चर्चा कर अपील की। खादिम खानकाहे हुसैनी इखलाक अहमद डेविड चिश्ती ने कहा हर साल की तरह इस साल भी विश्व प्रसिद्ध महान सूफी संत शेख अब्दुल कादिर जिलानी गौस पाक की याद मे जुलूस ए गौसिया 24 सितम्बर दिन जुमेरात को कानपुर के विभिन्न मोहल्लो कर्नेलगंज, बाबूपुरवा, फेथफुलगंज, सुजातगंज, रावतपुर, शारदा नगर, सफेद कालोनी से निकलता है जिसमें हज़ारो लोग शामिल होते है व जुलूस का इस्तकबाल करते है। जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह व पुलिस कमिशनर रधुबीर लाल से जुलूस के रुटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम करने, साफ-सफाई व सड़को की खराब दशा सुधारने, अतिक्रमण हटवाने, मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों मे साफ-सफाई का विशेष अभियान चलाने के दिशा-निर्देश देने जुलूस के दिन बिजली कटौती से मुक्त रखने की मांग की।अपील की जिसमें 1.अपने अख़लाक को बेहतर रखें, गरीबों-बेसहारों की मदद करें, भूखों को खाना खिलाएं। 2. पड़ोसी किसी भी मज़हब से ताल्लुक रखता हो वो परेशान हैं तो उसकी मदद करें। 3. जुलूस ए गौसिया को ऐतिहासिक यादगार बनाने के लिए एक लाइन में चले, जुलूस में अदबों एहतिराम के साथ नात मनकबत व दरूदो सलाम पढ़ते व सरों पर इस्लामिक टोपियों को लगाकर चलें। 4. परचमों में लोहे की छड़ो का प्रयोग न करें। 5. कोई भी सियासी जज़्बाती नारा न लगाएं जिससे किसी के भी दिल को ठेस पहुंचे। 6. साउंड की ट्रालियों में मानक के अनुसार ही साउंड हार्न लगाएं। 7. डिब्बा बंद पैकिंग वाली चीज़े बांटने वाले उसकी एक्सपायरी डेट ज़रुर चेक करके ही बांटे। 8. तब्बरुकात, पानी के पाउच फेंक कर न दे, कोशिश करें खाने-पीने की चीज़ें हाथ में ही दे। 9. जुलूस के रास्तों में अगर एम्बुलेंस आ जाए उसकों बिना देरी करे रास्ता दे। 10. कानपुर प्रशासन का सहयोग करें, प्रशासन की गाइडलाइंस का पालन करें। 11. जुलूस के रूट मे गणेश महोत्सव पंडाल आने पर वेलेंटर को लगा कर जुलूस शांति पूर्वक निकालवाये। 12. जुलूस ए गौसिया व गणेश विसर्जन यात्रा आमने सामने आने पर दोनो समुदाय के ज़िम्मेदार लोगो को आगे आकर जुलूस को सद्भाव शांति भाईचारे के साथ निकलवा दे।मीटिंग में खादिम खानकाहे हुसैनी इखलाक अहमद डेविड चिश्ती, सूफी मोईनुद्दीन चिश्ती, सैय्यद तलहा कादरी, हाफिज़ मोहम्मद कफील, परवेज़ आलम वारसी, मोहम्मद फाज़िल चिश्ती, आशिक अली नियाज़ी, फैज़ान अहमद अज़हरी, हाफिज़ हसीब अहमद, जमालउद्दीन फारुकी, अदनान शफी, गुलज़ार आलम, सब्लू चिश्ती, खादिम खानकाहे हुसैनी अफज़ाल अहमद आदि थे।
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