डीएम ने अतिवृष्टि एवं बिरमा नदी से प्रभावित क्षेत्रों का किया स्थलीय निरीक्षण
-31 हजार फसल क्षति दावों में 20 हजार का सर्वे पूर्ण,सर्वे के बाद किसानों के खातों में पहुंचेगी क्षतिपूर्ति
जिला संवाददाता सुनील कुमार धुरिया
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस हमीरपुर l हाल में हुई अतिवृष्टि एवं बिरमा नदी के जलस्तर में वृद्धि से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी अशोक कुमार ने तहसील मौदहा के विकासखंड मुस्करा क्षेत्र के ग्राम शिवनी, नत्थू पाल-डेरा तथा संबद्ध मजरों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने बिरमा नदी के जलस्तर, तटवर्ती कृषि भूमि, जलभराव से प्रभावित फसलों तथा क्षतिग्रस्त सड़कों एवं रपटों की स्थिति का मौके पर निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि बिरमा नदी का जलस्तर अब पूरी तरह घट चुका है और बाढ़ जैसी स्थिति समाप्त हो गई है। प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन सामान्य हो रहा है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को जलभराव एवं कटान से क्षतिग्रस्त एप्रोच मार्गों, सड़कों एवं रपटों का तत्काल रेस्टोरेशन कर आवागमन सुचारु कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों एवं राजस्व कर्मियों के साथ खेतों में जाकर फसल क्षति की वास्तविक स्थिति भी देखी। ग्राम शिवनी में स्थानीय किसान दर्शन साहू के खेतों में पहुंचकर उन्होंने तिल, मूंगफली एवं अरहर की फसलों का मौके पर निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि निचले क्षेत्रों एवं जलभराव वाले प्लॉटों में हुई फसल क्षति का खेत-खेत सर्वे कराते हुए पारदर्शी ढंग से आकलन किया जाए, ताकि सभी पात्र प्रभावित किसानों को नियमानुसार समय से सहायता एवं क्षतिपूर्ति उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि अतिवृष्टि एवं जलभराव से क्षतिग्रस्त अथवा गिरे कच्चे मकानों का त्वरित सर्वे कराकर पात्र परिवारों को निर्धारित सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए।
जिलाधिकारी द्वारा फसल क्षति सर्वेक्षण की अद्यतन स्थिति के संबंध में पूछे जाने पर उपनिदेशक कृषि डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि हालिया एवं पूर्व में हुई बारिश से फसलों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए फसल बीमा योजना के तहत जनपद से व्यक्तिगत क्षति के कुल 31,000 आवेदन/दावे प्राप्त हुए हैं। राजस्व लेखपाल, कृषि विभाग एवं बीमा कंपनी की संयुक्त टीमों द्वारा अब तक 20,000 दावों का सर्वेक्षण पूरा किया जा चुका है। शेष दावों का सर्वेक्षण आगामी एक सप्ताह में पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सर्वेक्षण प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद भारत सरकार के पोर्टल के माध्यम से बीमित किसानों की क्षतिपूर्ति राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी।
जिलाधिकारी ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली। उन्होंने आवश्यकतानुसार नावों की उपलब्धता, ऊंचे स्थानों पर राहत सामग्री एवं खान-पान की व्यवस्था तथा ग्राम सचिवालयों के आसपास फ्लड पीएसी एवं प्रशासनिक टीमों की तैनाती को प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति सामान्य होने तक संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी सतर्क रहें तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं सहायता उपलब्ध कराएं।
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी मौदहा करनवीर सिंह, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता, डीपीओ,प्रभारी बीडीओ राजीव सिंह, सूचना सहायक शिवबरन, नायब तहसीलदार, राजस्व एवं कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, लेखपाल तथा स्थानीय ग्रामीण एवं किसान उपस्थित रहे।