फसल अवशेष प्रबंधन विषय पर पांच दिवसीय कृषक प्रशिक्षण सम्पन्न |
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | सीएसए के अधीन संचालित कृषि विज्ञान केंद्र दिलीप नागर द्वारा 28 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक पांच दिवसीय कृषक प्रशिक्षण का आयोजन फसल अवशेष प्रबंधन विषय पर किया गया। फसल अवशेष प्रबंधन संबंधित जो भी कृषि यंत्र हैं उत्तर प्रदेश एवं भारत सरकार द्वारा जो भी सुविधाएं, उस पर कितने पर्सेंट की छूट है, कैसे उसको किसान ले सकते हैं इसके बारे में विस्तृत रूप से पूरी जानकारी दी गई। फसलों के अवशेषों को जलाने से होने वाले दुष्परिणामों का मानव स्वास्थ्य, मृदा स्वास्थ्य, एवं पर्यावरण पर क्या प्रभाव पड़ रहा है एवं कैसे बचा जा सके, के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।किसान साथियों को फसल के अवशेषों का प्रयोग अपने आर्थिक समृद्धि के लिए कर सकते हैं जैसे उससे विभिन्न तरह के उत्पाद बनाए जा सकते हैं एवं फसल के अवशेषों पर मशरूम की गुणवत्ता युक्त खेती की जा सकती है। फसल के अवशेषों को खेतों में अति शीघ्र डिकंपोजर करने हेतु वेस्ट डी कंपोजर का प्रयोग और वेस्ट डी कंपोजर को कैसे तैयार किया जा सकता है के बारे मे बताया गया। फसल के अवशेषों का अच्छी तरह से प्रयोग करके मृदा का स्वास्थ्य सुधारा जा सकता है, के बारें मे तकनीक बताई गई। उपरोक्त पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में डा. अजय कुमार सिंह, डॉ खलील खान, डॉक्टर दीपक मिश्रा, डॉ राजेश राय आदि वक्ताओं ने उपरोक्त पांच दिवसीय प्रशिक्षण में विभिन्न विषयों पर किसानों को प्रशिक्षित किया। प्रशिक्षण के अंतिम दिवस पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर के सम्मानित किया गया।
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