सत्य परेशान हो सकता है पर पराजित नहीं सत्य की सदा विजय होती है - ज्ञान शब्दान्नद
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | मानव उत्थान सेवा समिति श्री हंस मंदिर के तत्वाधान में" प्रेमलॉन कल्याणपुर में आयोजित सत्संग समारोह में सभी धर्म, वर्ग, जाति व संप्रदाय के श्रद्धालु बहनों तथा भाइयों को संबोधित करते हुए मानव धर्म के प्रणेता श्री सतपाल जी महाराज की शिष्या गण , साध्वी रोहनी बाई जी, साध्वी पदमा बाई जी एवं साध्वी चंदन बाई ने अपने जनकल्याणकारी विचार रखे। अंत में सतलोक आश्रम से पधारे महात्मा ज्ञान शब्दानन्द ने जनमानस को संबोधित करते हुए कहा कि "सत्यमेव जयते"सत्य की सदा विजय होती है। इसके लिए सबसे पहले सत्य की उस अविनाशी सत्ता कि हमें उपासना करनी होगी। हर व्यक्ति का ह्रदय वह मंदिर होना चाहिए जिसके अंदर आत्मा की उपासना, हो उसके अंदर छल कपट ना हो, भेदभाव ना हो बल्कि सदभावना ही सदभावना हो। इसलिए हमें जीवन में सत्य को उस परमात्मा को अपनी चेतना में प्रकट करना होगा तभी हम बदलेंगे हमारा समाज बदलेगा राष्ट्र बदलेगा तभी हमारा भारत विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर होगा।कार्यक्रम में मुख्य रूप से शैलेंद्र पाल, शिवसागर राजावत, विवेक राजावत गोलू पाल, संतराम निषाद, करन कठेरिया, मानसिंह आदि भक्तों का विशेष योगदान रहा।
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