ग्राम पंचायत कोरिया में विशेष ग्राम सभा के माध्यम से जलागम विकास एवं रिफॉर्म उत्सव
-जनभागीदारी से जलागम क्षेत्रों को समृद्ध बनाने का दिया संदेश।
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर कृषि विभाग के भूमि संरक्षण अनुभाग के तत्वावधान में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-जलागम विकास घटक (PMKSY-WDC 2.0) के अंतर्गत ग्राम पंचायत कोरिया, घाटमपुर में पंचायत भवन परिसर में विशेष ग्राम सभा एवं रिफॉर्म उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों, कृषकों एवं स्वयं सहायता समूहों को जल एवं मृदा संरक्षण, वर्षा जल संचयन, कैच द रेन, प्राकृतिक संसाधन संरक्षण तथा आजीविका संवर्धन के प्रति जागरुक करते हुए जनभागीदारी को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत कोरिया सहित जलागम परियोजना क्षेत्र की ग्राम सभाओं में जल संरक्षण, मृदा संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग के लिए ग्रामीणों को जागरूक किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भूमि संरक्षण अधिकारी श्री शैलेन्द्र कुमार द्वारा की गई तथा संचालन भूमि संरक्षण अनुभाग के वरिष्ठ प्राविधिक सहायक डॉ. अलोक यादव द्वारा किया गया। ग्राम प्रधान/प्रशासक राजोल सोनकर, ग्राम विकास अधिकारी सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने साझा की सफलता की कहानी कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने प्रतिभाग किया। सूरज महिला स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष सानिया सहित अन्य महिला सदस्यों ने योजना से प्राप्त सहायता से अपनी आजीविका में आए सकारात्मक परिवर्तन की जानकारी साझा की। महिलाओं द्वारा योजना से प्राप्त सहायता राशि से तैयार किए गए मसाले, दीपावली के लिए देवी-देवताओं की मूर्तियां तथा अन्य उत्पादों का स्टॉल लगाकर प्रदर्शन भी किया गया। महिलाओं ने बताया कि योजना के माध्यम से प्राप्त आर्थिक सहायता से स्वयं सहायता समूहों की गतिविधियों को मजबूती मिली तथा समूह की सदस्य महिलाएं स्वयं का रोजगार संचालित कर रही हैं। कार्यक्रम में कृषि विभाग के अभियंता वीरेश शुक्ला, डॉ. मयंक पटेल, वरिष्ठ प्राविधिक सहायक योगेन्द्र कुमार यादव, परियोजना प्रभारी विश्वदीप सोनी, वीरेन्द्र कुमार, ग्राम विकास अधिकारी, अवर अभियंता, प्राविधिक सहायक, वन विभाग के अधिकारी/कर्मचारी तथा चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ उपस्थित रहे।