सीएसजेएमयू और बीओएटी (नॉर्दन रीजन) के बीच एमओयू
- विद्यार्थियों को मिलेगा अप्रेंटिसशिप आधारित व्यावहारिक प्रशिक्षण और रोजगारपरक कौशल
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय द्वारा भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की नेशनल अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग स्कीम (NATS) के अंतर्गत अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (AEDP) को प्रभावी रूप से लागू करने के उद्देश्य से बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग (नॉर्दर्न रीजन), कानपुर (BOAT-NR) के साथ मंगलवार को सेंटर फॉर एकेडमिक में महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।कार्यक्रम में BOAT (Northern Region) के निदेशक विवेक कुमार तथा छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की उस भावना के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य उच्च शिक्षा को विद्यार्थियों की रोजगारपरक क्षमता एवं उद्योग की आवश्यकताओं से जोड़ना है। समझौते का प्रमुख उद्देश्य शिक्षा और रोजगार के बीच की दूरी को कम करना, आउटकम-बेस्ड लर्निंग को बढ़ावा देना तथा विश्वविद्यालय और उद्योग के बीच प्रभावी संबंध स्थापित करना है। AEDP के माध्यम से तकनीकी एवं व्यावसायिक कौशल में वृद्धि तथा भविष्य में रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त करने में सहायता।इसके तहत तीन वर्ष के अंडरग्रेजुएट डिग्री प्रोग्राम के लिए कम से कम 1 सेमेस्टर और अधिकतम 3 सेमेस्टर तथा चार वर्ष के अंडरग्रेजुएट डिग्री प्रोग्राम के लिए कम से कम 2 सेमेस्टर और अधिकतम 4 सेमेस्टर की अप्रेंटिसशिप ('ऑन-द-जॉब' ट्रेनिंग) को बोर्ड द्वारा संचालित NATS के अंतर्गत अप्रेंटिसशिप माना जाएगा। जब यह अप्रेंटिसशिप पाठ्यक्रम के अंतिम सेमेस्टर में की जाएगी, तो NATS के प्रावधानों के अनुसार विद्यार्थियों को स्टाइपेंड (भत्ता) भी प्रदान किया जाएगा। बोर्ड का मुख्य कार्य 'अप्रेंटिस एक्ट 1961' (जिसमें 1973 और 2014 में संशोधन किया गया था) के प्रावधानों को लागू करना और उनकी निगरानी करना है। विश्वविद्यालय एवं इससे संबद्ध महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने उच्च-स्तरीय कॉन्फ्रेंस, सेमिनार एवं संगोष्ठियों के आयोजन में अपनी पहचान बनाई है। विश्वविद्यालय अकादमिक उत्कृष्टता के साथ ऐसी शिक्षा प्रणाली विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो सतत विकास लक्ष्यों (Sustainable Development Goals) तथा आत्मनिर्भर भारत की भावना को बढ़ावा दे। कार्यक्रम में विवि के कुलसचिव राकेश कुमार मिश्रा, महाविद्यालय विकास परिषद (सीडीसी) के निदेशक प्रो.राजेश कुमार द्विवेदी, डीन एकेडमिक्स प्रो. बृष्टि मित्रा, प्रो. सुधांशु पांड्या, प्रो. विशाल अवस्थी, प्रो. राकेश के. द्विवेदी, निदेशक, प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट प्रो. प्रवीण भाई पटेल तथा प्रो. आलोक कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं शिक्षक उपस्थित रहे।