मां चंद्रघंटा की आराधना में डूबा इत्रनगरी,मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब
-संमार्ग पंडाल में भागवत कथा के साथ 150 से अधिक बच्चों ने कलश सजाओ प्रतियोगिता में दिखाई प्रतिभा
कन्नौज ब्यूरो पवन श्रीवास्तव के साथ प्रिंस श्रीवास्तव
हिंदुस्तान न्यूज एक्सप्रेस कन्नौज संवाददाता। शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन मंगलवार को इत्रनगरी मां चंद्रघंटा की भक्ति में सराबोर रही। सुबह से ही देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि, देश में शांति और सद्भाव की कामना की।मां के जयकारों और घंटा-घड़ियाल की गूंज से मंदिरों का माहौल भक्तिमय हो गया।शहर के सिद्धपीठ मां फूलमती देवी मंदिर, मां सिंहवाहिनी देवी मंदिर, मां भद्रकाली मंदिर, काली दुर्गा मंदिर, क्षेमकली मंदिर, बाबा मनकामेश्वर मंदिर, भुजिया देवी मंदिर, तिर्वा स्थित मां अन्नपूर्णा देवी मंदिर और नगर कोट स्थित मां राजेश्वरी पीतांबरा मंदिर समेत प्रमुख देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। भक्तों ने नारियल, चुनरी, फूल, अक्षत और चंदन अर्पित कर मां की आराधना की। मंदिरों और दुर्गा पंडालों में देर शाम महाआरती के दौरान भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे।शहर के एसबीएस इंटर कॉलेज के खेल मैदान में सामाजिक एवं आध्यात्मिक संस्था संमार्ग की ओर से आयोजित नवदुर्गा महोत्सव में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन हुआ। कथा व्यास ने भगवान के विभिन्न स्वरूपों और उनकी लीलाओं का वर्णन कर श्रद्धालुओं को भक्तिरस से सराबोर किया।
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कलश सजाकर बच्चों ने दिखाई प्रतिभा
कन्नौज। संमार्ग पंडाल में आयोजित कलश सजाओ प्रतियोगिता में 150 से अधिक स्कूली बच्चों ने प्रतिभाग किया। बच्चों ने मिट्टी के कलशों पर रंगों से आकर्षक आकृतियां उकेरकर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। नवरात्र के दौरान धार्मिक आयोजनों के साथ बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर भी दिया जा रहा है। आयोजन समिति के सदस्य व्यवस्थाओं में जुटे रहे। वहीं, मंदिरों और दुर्गा पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी मुस्तैद रहे।