महाराजा अग्रसेन जयंती पर समाजसेवी अमृतलाल का सम्मान, 2019 के बाद 2026 में बने मुख्य अतिथि
-निशक्त जन सेवा संस्थान के अध्यक्ष अमृतलाल ने समाजसेवा को बताया मानवता की सच्ची सेवा, दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प को दोहराया
वरिष्ठ संवाददाता हरि ओम
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस पीलीभीत। निशक्त जन सेवा संस्थान, पीलीभीत के अध्यक्ष एवं समाजसेवी अमृतलाल को समाजसेवा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए महाराजा अग्रसेन सेवा ट्रस्ट, शाहजहांपुर की ओर से आयोजित महाराजा अग्रसेन जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया। 14 अक्टूबर 2026 को आयोजित समारोह में उन्हें विशेष सम्मान दिया गया। इससे पूर्व वर्ष 2019 में भी उन्हें महाराजा अग्रसेन जयंती के अवसर पर सम्मानित किया जा चुका है। सात वर्ष बाद एक बार फिर मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाना उनके सामाजिक कार्यों और सेवा भावना के प्रति सम्मान को दर्शाता है।
समारोह में अमृतलाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि समाजसेवा केवल किसी जरूरतमंद की सहायता करने तक सीमित नहीं है, बल्कि किसी व्यक्ति के जीवन में आत्मविश्वास जगाना, उसे सम्मान के साथ जीने का अवसर देना और आत्मनिर्भर बनने में सहयोग करना ही सच्ची सेवा है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को दया नहीं, बल्कि समान अवसर, सम्मान और आत्मनिर्भरता की जरूरत है। समाज के प्रत्येक सक्षम व्यक्ति को जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आना चाहिए, ताकि कोई भी व्यक्ति संसाधनों के अभाव में अपने जीवन के सपनों से दूर न रहे।
अमृतलाल ने कहा कि निशक्त जन सेवा संस्थान इसी उद्देश्य के साथ लगातार काम कर रहा है। संस्थान का प्रयास है कि दिव्यांगजनों को कृत्रिम हाथ सहित आवश्यक सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें दैनिक जीवन के कार्यों में सक्षम बनाया जाए। उन्होंने समाज के लोगों, सामाजिक संगठनों और दानदाताओं से भी आह्वान किया कि वे मानव सेवा के कार्यों में अपनी भागीदारी निभाएं। उनके अनुसार, किसी जरूरतमंद के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना ही सबसे बड़ी उपलब्धि है।
दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उल्लेखनीय पहल
निशक्त जन सेवा संस्थान के माध्यम से अमृतलाल लंबे समय से दिव्यांगजनों और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए प्रयासरत हैं। कृत्रिम हाथ उपलब्ध कराने जैसे कार्यों से दिव्यांगजनों को दैनिक गतिविधियों में सुविधा और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। उनका मानना है कि सेवा का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब सहायता पाने वाला व्यक्ति समाज में सम्मान के साथ अपना जीवन जी सके।
समाजसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता, जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशीलता और दिव्यांगजनों के जीवन में बदलाव लाने के प्रयासों की सराहना की गई। वर्ष 2019 में सम्मानित होने के बाद वर्ष 2026 में पुनः मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाना उनके सेवा कार्यों के प्रति आयोजकों के विश्वास और सम्मान को रेखांकित करता है।
अमृतलाल का कहना है कि समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों की सहायता का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। उनका उद्देश्य अधिक से अधिक दिव्यांगजनों को सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मविश्वास के साथ जीवन जीने के लिए प्रेरित करना है।