डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र 5.0 के प्रचार-प्रसार हेतु कोषागार में जागरूकता गोष्ठी आयोजित
-पेंशनर एवं पारिवारिक पेंशनर्स अब स्मार्टफोन से घर बैठे बना सकेंगे डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र, कोषागार आने की नहीं होगी आवश्यकता
जिला संवाददाता सुनील कुमार धुरिया
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस हमीरपुर। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पहल डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र 5.0 के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं पेंशनर्स को इसकी डिजिटल सुविधा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से आज कोषागार हमीरपुर परिसर में वरिष्ठ कोषाधिकारी श्रीमती अंकिता सिंह की अध्यक्षता में जागरूकता गोष्ठी आयोजित की गई।
गोष्ठी में वरिष्ठ कोषाधिकारी ने बताया कि जनपद के समस्त पेंशनर एवं पारिवारिक पेंशनर्स अब अपने स्मार्टफोन के माध्यम से घर बैठे ही डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जनरेट कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें जीवन प्रमाण पत्र जमा करने हेतु कोषागार आने की आवश्यकता नहीं होगी। इस सुविधा से पेंशनर्स के समय एवं धन की बचत होगी तथा आवागमन की असुविधा से भी राहत मिलेगी।
उन्होंने बताया कि पेंशनर्स अपने मोबाइल में जीवन प्रमाण ऐप एवं आधार फेस आर डी सर्विस इंस्टॉल कर आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बना सकते हैं। इसके अतिरिक्त जीवन प्रमाण पोर्टल एवं उमंग एप के माध्यम से भी यह सुविधा उपलब्ध है।
उन्होंने डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया कीजानकारी देते हुए बताया कि इसके लिए आधार संख्या, मोबाइल नंबर, पेंशनर का नाम, पीपीओ संख्या, बैंक खाता संख्या, आईएफएससी कोड तथा पेंशन एवं कोषागार से संबंधित आवश्यक विवरण उपलब्ध होने चाहिए। आधार आधारित बायोमैट्रिक अथवा फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से सत्यापन के उपरांत डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जनरेट किया जा सकता है, जो संबंधित कोषागार को ऑनलाइन प्रेषित हो जाता है।
वरिष्ठ कोषाधिकारी ने बताया कि जो पेंशनर्स स्वयं स्मार्टफोन के माध्यम से यह प्रक्रिया पूरी करने में सक्षम नहीं हैं, वे अपने नजदीकी जन सुविधा केंद्र, साइबर कैफे, पोस्ट ऑफिस अथवा डोरस्टेप बैंकिंग सेवा के माध्यम से भी इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने सभी पेंशनर्स से डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र की इस सरल एवं सुविधाजनक व्यवस्था को अपनाने की अपील की।
इस अवसर पर पेंशनर संघ के अध्यक्ष तेज बहादुर मिश्रा ने भी पेंशनर्स से डिजिटल सुविधा का अधिकाधिक उपयोग करने तथा अन्य पेंशनर्स को इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
गोष्ठी में सहायक कोषाधिकारी कौशल किशोर मिश्रा, लेखाकार पवन कुमार, प्रेमी प्रजापति सहित बड़ी संख्या में पेंशनर एवं पारिवारिक पेंशनर्स उपस्थित रहे।