शाबान के 15 वें रोज़ा में दिखी रमज़ान जैसी रौनक
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | शाबानुल मोअज़्ज़म की 15 वीं शब में कब्रिस्तान में हाजिरी और इबादत का दौर चला और 15 शाबान को अधिकतर लोगों ने परिवार के साथ रोज़ा रखकर अपने रब का शुक्राना अदा किया रोज़ा रखने वालों में बच्चों का भी शुमार ज़्यादा रहा चमनगंज स्थित जामा मस्जिद शफियाबाद समेत शहर की मस्जिदों के बाहर असर की नमाज़ के बाद दुकानों में आफतारी लेने वालों की भीड़ एक साथ नज़र आई ऐसा लगा कि रमज़ान का महीना आ गया हो जबकि 15 दिन बाद रमज़ानुल मुबारक का आगाज़ हो जाएगा और एक महीने यह रौनकें हर तरफ देखने को मिलेंगी तन्ज़ीम बरेलवी उलमा-ए-अहले सुन्नत के सदर मुहाफिज़-ए-नामूसे रिसालत हाफिज़ व क़ारी सैयद मोहम्मद फैसल जाफरी ने कहा कि शाबान की 15 तारीख के रोज़े की फज़ीलत और दिनों से ज़्यादा है यह शाबान का महीना पैग़म्बरे इस्लाम अलैहिस्सलाम का महीना है आप रमज़ान के अलावा इस महीने सबसे ज़्यादा रोज़े रखते थे।
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