खामेनेई की शहादत को सलाम व होली पर रंग पड़ने पर बुरा न माने : इखलाक अहमद डेविड
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | खानकाहे हुसैनी के खादिमों की एक बैठक खानकाहे हुसैनी कर्नलगंज में हुई जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर की शहादत को सलाम कर खिराज ए अकीदत पेश की व होली रमज़ान को लेकर कानपुर की आवाम से अपील की गयी। खादिम खानकाहे हुसैनी इखलाक अहमद डेविड चिश्ती ने कहा सैय्यद अली खामेनेई एक बुज़ुर्ग मुजाहिद 86 साल की उम्र में भी साबित-कदम रहा न थका, न झुका, बल्कि हक की आवाज़ बुलंद करते करते शहीद हो गया आज पूरी दुनियां उनकी शहादत को सलाम कर रही है खानकाहे हुसैनी उनको खिराज ए अकीदत पेश करती है। खिराज ए अकीदत के बाद दुआ हुई जिसमें ऐ अल्लाह अपने अहले बैत के सदके सैय्यद अली खामेनेई की मगफिरत करे, ईरान के साथ पूरी दुनियां में अमनों अमान कायम हो, रमज़ानुल मुबारक महीने में खून-खराबा बंद हो जंग रुके, हमारे मुल्क में खुशहाली हो, जंग में फसें भारतीयों की हिफाज़त कर, सभी ने आमीन आमीन आमीन कहा।दुआ के बाद रमज़ानुल मुबारक माह और कल से हम वतनी भाईयों का त्यौहार की शुरुआत हो रही है उसको लेकर कानपुर नगर की आवाम से अपील की गयी जिसमें 1. रमज़ान और होली पर एक दूसरे के त्यौहार का सम्मान करें, 2. होलिका दहन जिन चौराहो पर हो रहा हो उन चौराहों पर जाने से बचे, तराबीह की नमाज़ अदा कर अपने घरों की तरफ रवाना हो, 4. मुसलमान हम वतनी भाईयों का और हम वतनी भाई मुसलमानों का ख्याल रखें, 4. रोज़दारों पर जानबूझ कर रंग डालने से परहेज़ करे, अगर रोजदार पर रंग धोखे से पड़ गया तो अपनी नाराज़गी न जताए, 5. जहां रंग खेला जा रहा है उन सड़को, चौराहो, मैदानो में जाने से परहेज़ करें, 6. रंग लगने से रोज़े पर कोई फर्क नही पड़ता बस एहतियात करे ऐसी जगहो से न निकले, 7.तराबीह व फज़िर की नमाज़ के बाद बाइकों से स्टंट करने गंगा बैराज न जाए, 8. सोशल मीडिया पर होली रमज़ान को लेकर कोई ऐसी पोस्ट न डाले जिससे किसी के दिल को ठेस पहुंचे, 9. मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में क्षेत्र की संभ्रांत नागरिकों की ज़िम्मेदारी बढ जाती है, सदैव की तरह वो अपनी ज़िम्मेदारी निभाएं, 10. दोनो त्यौहारों को शांति सदभाव, एकता के साथ मनाएं, 11. किसी अफवाहों पर ध्यान न दे, 12. अफवाह फैलाने वाले की सूचना तत्काल अपने चौकी/थाना प्रभारी को दे।बैठक व दुआ में इखलाक अहमद डेविड चिश्ती, हाफिज़ मोहम्मद अरशद वास्ती, हाफिज़ मोहम्मद कफील, हाफिज़ मोहम्मद गुफरान, फाजिल चिश्ती, मोहम्मद वसीम, जमालुद्दीन फारुकी, परवेज़ आलम वारसी, मोहम्मद मुजम्मिल, एजाज़ रशीद, शमशुद्दीन फारुकी, खादिम खानकाहे हुसैनी अफज़ाल अहमद आदि लोग मौजूद थे।
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