कानपुर में RAMP के तहत स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन मीट व कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर।एमएसएमई सेक्टर में कौशल विकास को बढ़ावा देने एवं रोजगार के अवसरों में वृद्धि के उद्देश्य से RAMP (Raising and Accelerating MSME Performance) कार्यक्रम के अंतर्गत MSME टेक्नोलॉजी सेंटर, फजलगंज, कानपुर में स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन मीट का आयोजन किया गया।
बैठक की अध्यक्षता आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय, उत्तर प्रदेश के. विजेंद्र पांडियन (आईएएस) ने की, जबकि सह-अध्यक्षता प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम रोहित आनंद (आईएएस) द्वारा की गई। इस अवसर पर मुख्य अभियंता, यूपीएसआईसी प्रभात बाजपेई एवं उप आयुक्त उद्योग, कानपुर अंजनीश प्रताप सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय से निदेशक, एमएसएमई-डीएफओ कानपुर वी. के. वर्मा (आईईडीएस) तथा संयुक्त निदेशक अजय बाजपेई (आईईडीएस) के साथ रोजगार कार्यालय कानपुर एवं विभिन्न औद्योगिक संगठनों जैसे फैसिलिटेशन ऑफ इंडस्ट्रीज एंड ट्रेडर्स एसोसिएशन, प्रांतीय उद्योग संघ, लघु उद्योग भारती एवं इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, कानपुर के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की।
कार्यक्रम की शुरुआत संयुक्त निदेशक अजय बाजपेई के स्वागत एवं परिचयात्मक संबोधन से हुई, जिसमें उन्होंने बैठक के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
अपने संबोधन में प्रबंध निदेशक रोहित आनंद (आईएएस) ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य एमएसएमई क्षेत्र के कार्यबल को कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर रोजगार के अवसरों में वृद्धि करना है। उन्होंने बताया कि उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप भविष्य में प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विस्तार किया जाएगा।
RAMP कार्यक्रम के अंतर्गत MSME टेक्नोलॉजी सेंटर, कानपुर में CNC Milling Programming एवं Operation, Inspection and Quality Control, Creo (CAD/CAM Software) तथा AutoCAD के प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इन पाठ्यक्रमों पर 90 से 96 प्रतिशत तक सरकारी सब्सिडी प्रदान की जा रही है, जिससे प्रशिक्षण अत्यंत किफायती होगा।
आवेदन की अंतिम तिथि 30 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है, जबकि प्रशिक्षण 15 मई 2026 से प्रारंभ होगा। सीमित सीटों पर प्रवेश पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर दिया जाएगा।
इस अवसर पर आयुक्त के. विजेंद्र पांडियन (आईएएस) ने कहा कि MSME टेक्नोलॉजी सेंटर उद्योगों के लिए एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म है, जहां उद्यमी अपने कार्यबल को प्रशिक्षित करने के साथ-साथ उत्पादन कार्य भी कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि यह केंद्र नो प्रॉफिट, नो लॉस के आधार पर संचालित होता है।
औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए भविष्य में आधुनिक मशीनरी एवं उन्नत तकनीकों से संबंधित और प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने का सुझाव दिया। बैठक में कानपुर के एमएसएमई क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए तकनीकी उन्नयन एवं उत्पादन वृद्धि जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
कार्यक्रम का समापन एमएसएमई क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने एवं सतत विकास सुनिश्चित करने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।