तेल उद्योग के नमूनों में लेड पाए जाने के मामले में दी जाय राहत
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारी व खाद्य तेल उद्यमी उप्र की 14 तेल निर्माता कंपनियों/फर्मों के नमूनों मे लेड की मात्रा पाए जाने के प्रकरण में राहत प्रदान करते हुए आदेश की कार्यवाही पर पुनः विचार/ वापस किए जाने को लेकर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्राधिकरण विभाग की आयुक्त डॉ रोशन जैकब से उनके अलीगंज स्थित मुख्यालय पर मिले और विस्तृत वार्ता करके उन्हें ज्ञापन सौंपा।
भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र ने बताया कि आपके विभाग भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा 23 फरवरी 2026 को उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों कानपुर, आगरा, मेरठ, लखनऊ, हापुड़ एवं गोरखपुर में 14 तेल निर्माता कंपनियों/फर्मों के सरसों तेल, साल्वेंट ऑयल एवं पाम ऑयल आदि के नमूने लिए गए थे। उक्त नमूनों की जांच एक निजी प्रयोगशाला में कराए जाने के उपरांत, 21 अप्रैल 2026 के आदेश द्वारा कुछ नमूनों को ‘अनसेफ’ घोषित करते हुए उनमें लेड की मात्रा निर्धारित मानक (अधिकतम 0.1 mg/kg) से अधिक बताई गई। कहा कि खाद्य तेल निर्माता अपने उत्पाद में लेड की मात्रा को न तो बढ़ा सकते उहैं और न ही घटा सकते हैं। लेड की उपस्थिति का संभावित स्रोत खेती की प्रक्रिया, मिट्टी अथवा सिंचाई जल में निहित तत्व हो सकते हैं । ऐसे में केवल एक निजी प्रयोगशाला की रिपोर्ट के आधार पर कठोर कार्रवाई करते हुए उत्पादन, बिक्री एवं स्टॉक पर प्रतिबंध लगाना न्यायसंगत प्रतीत नहीं होता। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त को कानपुर से मंटोरा ऑयल बावर्ची ब्रांड के के जगदीश गुप्ता, वैभव एडबिल ऑयल के विजय गुप्ता , गोरखपुर के जयलक्ष्मी ऑयल से शशांक अग्रवाल , आगरा से आगरा जनरल हाल के कुमार कृष्ण गोयल , हापुड़ के रवींद्र ऑयल मिल से संजीव अग्रवाल , लखनऊ के संकटमोचन ऑयल से सिद्धार्थ गुप्ता व लखनऊ के हिंद एडीबल ऑयल से किशन अग्रवाल ने बताया कि हमारे 14 खाद्य निर्माताओं में से एक निर्माता द्वारा एनएबीएल (सर्टिफाइड लैब) , FARE LAB ,GURU GRAM से जांच करने पर लेड की मात्रा 0.02 एमजी आई है जिससे यह भी साबित होता है कि उक्त खाद्य तेल में LED की मात्रा विभाग के द्वारा घोषित अधिकतम मानक से भी बहुत कम है| भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त डॉ॰ रोशन जैकब से भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र व सभी खाद्य तेल उद्यमियों* ने मांग की कि प्रभावित सभी 14 खाद्य तेल उद्योगों पर तत्काल प्रभाव से लगाए गए प्रतिबंध को स्थगित किया जाए तथा नमूनों की जांच किसी मान्यता प्राप्त सरकारी प्रयोगशाला में पुनः कराई जाए। एक घंटे से अधिक हुई वार्ता में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त डॉ रोशन जैकब ने तेल खाद्य तेल नमूनों में लेड पाए जाने में राहत देने सहित पूरे मामले की समीक्षा कर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया|।