किसानों को खेती के दिए गए वैज्ञानिक टिप्स
-ढैंचा की फसल को 40 दिन पर मिट्टी में मिला दें तो अच्छी नाइट्रोजन मिलेगी
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | सीएसए के प्रसार निदेशालय के लाल बहादुर सभागार कक्ष में चंद्रशेखर कृषक समिति की मासिक बैठक में किसानों को खेती के वैज्ञानिक टिप्स दिए गए।बैठक में निदेशक प्रसार डॉ वी के त्रिपाठी ने किसानों को हरी खाद के महत्व पर जानकारी दी। उन्होंने कहा- किसान 30 से 40 किलोग्राम ढैंचा का बीज प्रति हेक्टेयर की दर से बुवाई करें। साथ ही समय-समय पर सिंचाई करते रहें। उन्होंने किसानों से कहा- ढैंचा की फसल को 35 से 40 दिन पर मिट्टी में मिला दें। इससे मृदा में 84 से 129 किलोग्राम नाइट्रोजन प्रति हेक्टेयर प्राप्त होती है। हरे पदार्थ की मात्रा 20 से 25 टन प्रति हेक्टेयर प्राप्त होता है, जिससे किसानों की फसल लागत में कमी आती है तथा रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होती है। और फसल की गुणवत्ता अच्छी होती है। वैज्ञानिक डॉक्टर यू एन शुक्ला ने कृषकों को धान की नर्सरी का प्रबंधन विषय पर जानकारी दी। किसानों की ओर से पूछे गए प्रश्नों के जवाब भी दिए गए। डॉ रामजी गुप्ता विभागाध्यक्ष पशुपालन ने किसानों को गर्मियों में पशुओं की देखभाल विषय पर जानकारी दी।कार्यक्रम के अंत में अतिथियों का धन्यवाद डॉ. वी के कनौजिया ने दिया। इस अवसर पर वैज्ञानिक डॉक्टर विनोद प्रकाश,डॉक्टर भूपेंद्र कुमार सिंह, डॉक्टर विकास रंजन चौधरी सहित प्रगतिशील कृषक समर सिंह भदोरिया, जगदीश सिंह, हरेंद्र त्रिपाठी सहित अन्य किसानों भी शामिल हुए।