यूपीयूएमएस, सैफई में ‘विश्व स्तनपान सप्ताह’ का भव्य समापन, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का दिया गया संदेश*
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस सैफई, इटावा। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (यूपीयूएमएस), सैफई के बाल रोग विभाग द्वारा नवजात शिशुओं के समुचित पोषण एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 1 से 7 अगस्त 2026 तक ‘विश्व स्तनपान सप्ताह’ (World Breastfeeding Week) का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। सप्ताहव्यापी कार्यक्रम का भव्य समापन विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय सिंह के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) परिसर में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में प्रति-कुलपति प्रो. (डॉ.) रमाकांत यादव, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. (डॉ.) एस.पी. सिंह, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के प्रो. (डॉ.) वैभव कांति तथा प्रो. (डॉ.) प्रगति द्विवेदी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मुनीबा अलीम ने किया, जबकि बाल रोग विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) दिनेश कुमार ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा एवं विश्व स्तनपान सप्ताह के महत्व पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर एमबीबीएस 2024-25 बैच के छात्र-छात्राओं द्वारा स्तनपान के महत्व पर आधारित एक प्रभावशाली एवं जागरूकता से परिपूर्ण लघु नाटिका प्रस्तुत की गई, जिसने उपस्थित सभी लोगों को स्तनपान के प्रति सकारात्मक संदेश दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो. (डॉ.) प्रगति द्विवेदी ने माताओं को स्तनपान के महत्व, नवजात शिशु के समुचित विकास में इसकी भूमिका तथा माताओं के स्वास्थ्य पर इसके सकारात्मक प्रभावों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि जन्म के तुरंत बाद स्तनपान प्रारंभ करना तथा पहले छह माह तक केवल माँ का दूध देना शिशु के स्वस्थ भविष्य की मजबूत नींव है।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर एमबीबीएस 2022 बैच के विद्यार्थियों के मध्य आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता के परिणाम घोषित किए गए तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में शिशुओं की माताओं, नर्सिंग अधिकारियों एवं कर्मचारियों, विभिन्न विभागों के संकाय सदस्यों, एमबीबीएस विद्यार्थियों, इंटर्न्स तथा रेजीडेंट चिकित्सकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता अभियान को सफल बनाया।
बाल रोग विभाग ने सभी प्रतिभागियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी जनस्वास्थ्य एवं मातृ-शिशु कल्याण से जुड़े ऐसे जागरूकता कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने का संकल्प व्यक्त किया।