विश्व स्तनपान सप्ताह के अंतर्गत जागरूकता प्रशिक्षण समारोह का हुआ आयोजन
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। विश्व स्तनपान सप्ताह के समापनअवसर पर प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग, जी.एस.वी.एम. मेडिकल कॉलेज, कानपुर द्वारा “स्तनपान जागरूकता प्रशिक्षण मॉड्यूल” के अंतर्गत आयोजित सप्ताहव्यापी प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम समारोह का शुक्रवार को हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. सीमा द्विवेदी के कुशल मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में किया गया।स्तनपान सप्ताह के समापन अवसर पर इस प्रशिक्षण का उद्देश्य चिकित्सकों, रेजिडेंट चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल कर्मचारियों को स्तनपान संबंधी नवीनतम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय दिशानिर्देशों से अवगत कराना तथा माताओं में जन्म के प्रथम घंटे में स्तनपान प्रारंभ करने, छह माह तक केवल माँ का दूध पिलाने तथा दो वर्ष अथवा उससे अधिक समय तक पूरक आहार के साथ स्तनपान जारी रखने के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. मीरा अग्निहोत्री, प्रतिष्ठित कनिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में प्रतिभाग किया किया। विशिष्ट अतिथियों में डॉ. किरण पांडेय (उत्तर प्रदेश प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ संघ की अध्यक्ष), डॉ. नीलम मिश्रा (इंडियन सोसायटी ऑफ पेरिनेटोलॉजी एंड रिप्रोडक्टिव बायोलॉजी, कानपुर शाखा की अध्यक्ष), डॉ. कल्पना (कानपुर प्रसूति एवं स्त्री रोग सोसायटी की पूर्व अध्यक्ष) तथा डॉ. रेनू टंडन (कानपुर प्रसूति एवं स्त्री रोग सोसायटी की सचिव) उपस्थित रहीं। सभी अतिथियों ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में स्तनपान की महत्ता पर अपने विचार व्यक्त किए तथा इस प्रकार के जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों की आवश्यकता पर बल दिया। समापन अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. सीमा द्विवेदी ने कहा कि “माँ का दूध शिशु का पहला, सर्वोत्तम एवं संपूर्ण आहार है।” उन्होंने सभी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों से प्रत्येक गर्भवती एवं प्रसूता महिला को वैज्ञानिक एवं प्रभावी स्तनपान परामर्श प्रदान करने का आह्वान किया, जिससे “स्वस्थ माँ, स्वस्थ शिशु एवं स्वस्थ समाज” के लक्ष्य को साकार किया जा सके। कार्यक्रम में डॉ. नीना गुप्ता, डॉ. शैली अग्रवाल , डॉ. बंदना शर्मा, डॉ गरिमा गुप्ता, डॉ दिव्या द्विवेदी, डॉक्टर उरुज जहां, डॉ प्रीती त्यागी, डॉ श्रुति अग्रवाल, डॉ दीपक आनंद, डॉ पवन, डॉ रश्मि यादव, डॉ करिश्मा इत्यादि सम्मिलित हुए। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. प्रतिमा वर्मा (सह आचार्य), डॉ. प्रीति सिंह (सहायक आचार्य) एवं डॉ. भारती (सहायक आचार्य) रहीं, जिन्होंने पूरे आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। समापन समारोह में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया तथा प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
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