कानपुर साउथ जोन में साइबर ठगी के 7300 से ज्यादा मामले
-करीब 18 करोड़ रुपए का नुकसान यूपी में 4.10 लाख साइबर फ्रॉड केस, 3377 करोड़ रुपए की ठगी |
बजाज फाइनेंस ने कानपुर में चलाया ‘नॉकआउट डिजिटल फ्रॉड’ अभियान |
-QR कोड, फर्जी KYC, कस्टमर केयर और लोन एप्लीकेशन के जरिए बढ़ रही ठगी |
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच लोगों को डिजिटल फ्रॉड से बचाने और सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार के प्रति जागरूक करने के लिए बजाज फाइनेंस लिमिटेड ने कानपुर नगर में ‘नॉकआउट डिजिटल फ्रॉड’ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में साइबर ठगी के नए तरीकों, डिजिटल हाइजीन और ठगी होने पर तुरंत शिकायत दर्ज कराने की जरूरत के बारे में नागरिकों को जानकारी दी गई।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, कानपुर साउथ जोन में अप्रैल 2025 से अब तक साइबर अपराध की 7300 से ज्यादा शिकायतें दर्ज हुई हैं। इन मामलों में वित्तीय नुकसान करीब 18 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। साइबर अपराध के बढ़ते मामलों ने डिजिटल सतर्कता की जरूरत को और बढ़ा दिया है। यूपी में 4.10 लाख साइबर फ्रॉड, 3377 करोड़ रुपए का नुकसान
गृह मंत्रालय (MHA) की ओर से इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के माध्यम से जारी आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में 28 फरवरी 2025 तक 4,10,116 साइबर फ्रॉड के मामले सामने आए। इनमें वित्तीय नुकसान 3,377.49 करोड़ रुपए रहा। सिटीजन फाइनेंशियल साइबर फ्रॉड रिपोर्टिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम (CFCFRMS) के माध्यम से समय पर शिकायत मिलने के कारण 511.18 करोड़ रुपए के लेनदेन को ब्लॉक करने में सफलता मिली। कानपुर साउथ जोन में भी समय पर रिपोर्टिंग के जरिए 6.27 करोड़ रुपए की साइबर ठगी को ब्लॉक किया जा सका।
QR कोड से लेकर फर्जी KYC तक नए तरीकों से ठगी साइबर अपराधी लगातार ठगी के नए तरीके अपना रहे हैं। इनमें QR कोड फ्रॉड, KYC अपडेट के नाम पर ठगी, फर्जी कस्टमर केयर, फर्जी लोन एप्लीकेशन, बिजली कनेक्शन काटने के फर्जी मैसेज और ऑनलाइन ऑफर के जरिए लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।
बजाज फाइनेंस के ‘नॉकआउट डिजिटल फ्रॉड’ अभियान का उद्देश्य लोगों को ऐसे साइबर खतरों की पहचान करने और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए जागरूक करना है। कंपनी के अनुसार, यह पहल RBI की NBFCs के लिए Fraud Risk Management Guidelines के अनुरूप डिजिटल वित्तीय जागरूकता बढ़ाने पर केंद्रित है। पिछले वित्तीय वर्ष में बजाज फाइनेंस ने देशभर में 100 से अधिक जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित की थीं। साइबर सेल प्रभारी बोले- स्मार्टफोन के साथ स्मार्ट यूजर बनना जरूरी
साउथ जोन साइबर सेल के इंचार्ज Sanit Malik ने कहा, “आज स्मार्टफोन रखना ही काफी नहीं है। हर यूजर को साइबर अपराधियों से ज्यादा स्मार्ट बनना होगा। हमारे डिवाइस में व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी होती है, इसलिए वे साइबर अपराधियों के निशाने पर रहते हैं।”उन्होंने लोगों से डिवाइस को नियमित रूप से अपडेट करने, अनावश्यक ऐप हटाने, संदिग्ध लिंक और फर्जी ऑनलाइन ऑफर से बचने तथा OTP, PIN और बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन की जाने वाली हर गतिविधि, यहां तक कि लाइक भी, व्यवहार से जुड़ी ऐसी जानकारी सामने ला सकती है जिसका साइबर अपराधी गलत इस्तेमाल कर सकते हैं।