संभावित बाढ़ के दृष्टिगत जनपद में सभी तैयारियां पूर्ण, प्रशासन पूरी तरह सतर्क
वर्तमान में यमुना एवं बेतवा नदियां खतरे के बिंदु से क्रमशः 9.33 एवं 10.99 मीटर नीचे, जनपद में बाढ़ की स्थिति नहीं
जिला संवाददाता सुनील कुमार धुरिया
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस हमीरपुर l संभावित बाढ़ की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जनपद प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। अपर जिलाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि वर्तमान में जनपद में बाढ़ की कोई स्थिति नहीं है। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखते हुए राहत एवं बचाव कार्यों से संबंधित व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है।
उन्होंने बताया कि यमुना नदी का खतरे का बिंदु 103.630 मीटर तथा बेतवा नदी का खतरे का बिंदु 104.540 मीटर निर्धारित है। 18 अगस्त, 2026 को अपराह्न 12 बजे यमुना का जलस्तर 94.300 मीटर तथा बेतवा का जलस्तर 93.550 मीटर दर्ज किया गया। वर्तमान में दोनों नदियां खतरे के बिंदु से काफी नीचे प्रवाहित हो रही हैं।
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि संभावित बाढ़ की दृष्टि से तहसीलवार कुल 194 गांव एवं मजरों का पूर्व से चिन्हांकन किया गया है। इनमें तहसील हमीरपुर के 91, मौदहा के 49, राठ के 20 तथा सरीला के 34 गांव शामिल हैं। बाढ़ प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा हेतु बाढ़ स्टीयरिंग ग्रुप की बैठक आयोजित कर संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए गए थे। इसके अतिरिक्त 11 जून, 2026 को जनपद स्तर पर वृहद संयुक्त बाढ़ मॉक एक्सरसाइज का सफल आयोजन कर विभिन्न विभागों के आपसी समन्वय एवं आपदा प्रतिक्रिया तंत्र को परखा और मजबूत किया गया।
*राहत एवं बचाव की व्यवस्थाएं सुदृढ़
*इनसेट* बाढ़ के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों के लिए नाव एवं मोटरबोट किराये पर लिए जाने की निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है।जनपद में उपलब्ध 190 नावों का सत्यापन कर नाविकों से सहमति पत्र प्राप्त किए गए हैं। आपातकालीन उपयोग के लिए 25 हजार खाली बोरियां, 300 वायर क्रेट एवं 500 नायलॉन क्रेट आरक्षित रखे गए हैं। 36 बाढ़ चौकियां एवं 21 बाढ़ शरणालय तैयार जनपद में 36 बाढ़ चौकियां तथा 21 बाढ़ शरणालय चिन्हित कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग के लिए 100 आपदा मित्र स्वयंसेवकों एवं 27 होमगार्ड जवानों को प्रशिक्षित किया गया है। जिला प्रशासन एवं सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष 24×7 संचालित किए जा रहे हैं।
*पशुधन एवं स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान*
*इनसेट* पशुओं के लिए भूसा एवं चारा उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है तथा 1.92 लाख से अधिक पशुओं का टीकाकरण कराया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा क्लोरीन टैबलेट, ओआरएस, ब्लीचिंग पाउडर एवं एंटी स्नेक वेनम वायल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। सभी सीएचसी एवं पीएचसी स्तर पर सचल चिकित्सा दल गठित किए गए हैं।