कानपुर में जुटे देशभर के सेवा संगठन महारथी -हिन्दू आध्यात्मिक सेवा मेला की तैयारियों पर मंथन |
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। हिन्दू आध्यात्मिक सेवा मेला की तैयारियों को लेकर देशभर से आए विभिन्न सामाजिक सेवा संस्थाओं के प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण बैठक बीएनएसडी शिक्षा निकेतन, बेनाझाबर, कानपुर नगर में सम्पन्न हुई। बैठक में मेले के आयोजन, सामाजिक सहभागिता तथा सेवा कार्यों को व्यापक रूप प्रदान करने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक को संबोधित करते हुए हिन्दू आध्यात्मिक सेवा मेला के राष्ट्रीय संयोजक गुणवंत कोठारी ने कहा कि भारत की सेवा परंपरा सदैव समाज को जोड़ने और मानव कल्याण का मार्ग दिखाने वाली रही है। उन्होंने कहा कि विभिन्न सामाजिक सेवा संस्थाओं को एक मंच पर लाकर उनके सेवा कार्यों को समाज के सामने प्रस्तुत करना मेले का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। उन्होंने Global Foundation for Harmony and Civilization के उदाहरण का उल्लेख करते हुए कहा कि विश्व स्तर पर भी विभिन्न संस्थाएं मानवता, सद्भाव और सभ्यताओं के बीच समन्वय के लिए कार्य कर रही हैं। ऐसे प्रयासों से प्रेरणा लेकर भारत की सेवा संस्थाओं को भी अपने कार्यों को व्यापक स्तर पर समाज तक पहुंचाने की आवश्यकता है। बैठक में विभिन्न सेवा संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में किए जा रहे सेवा कार्यों की जानकारी साझा की तथा मेले को सफल बनाने के लिए सुझाव दिए। सेवा संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और अधिक से अधिक लोगों को सेवा गतिविधियों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।उन्होंने कहा कि आने वाली सेवा संस्थाओं के कार्यकर्ताओं के ठहरने की व्यवस्था भी आयोजकों द्वारा की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आयोजन सरकार से किसी प्रकार का आर्थिक सहयोग लेकर नहीं, बल्कि समाज के सहयोग एवं चंदे से किया जा रहा है। उन्होंने भारतीय समाज की पुरानी परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले समाज में लोग अपने जीवन के एक चरण में वानप्रस्थ व्यवस्था के माध्यम से समाज और राष्ट्र के लिए अपना समय देते थे। आज उसी सेवा भावना को अनेक रूपों में आगे बढ़ाया जा रहा है और उसका एक आधुनिक स्वरूप सामाजिक संस्थाओं के रूप में दिखाई देता है।उन्होंने सेवा संस्थाओं के कार्यकर्ताओं से विशेष रूप से आग्रह किया कि मेले में स्टॉल पर बैठने वाले कार्यकर्ता अत्यंत विनम्र एवं सहयोगी व्यवहार रखें। उन्होंने कहा कि मेले में महिलाएं, बच्चे, माताएं और पुरुष सभी वर्गों के लोग आएंगे। उनके साथ कार्यकर्ताओं का व्यवहार ऐसा होना चाहिए कि प्रत्येक आगंतुक को लगे कि यह केवल प्रदर्शनी नहीं, बल्कि सेवा, संस्कार और सद्भाव का एक सुंदर आयोजन है उन्होंने बताया कि मेले में प्रतिदिन विभिन्न सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम भी होंगे तथा शाम को गंगा आरती का विशेष आयोजन किया जाएगा, जो लगभग 45 मिनट चलेगी। उन्होंने कहा कि सेवा संस्थाओं की सहभागिता से यह मेला समाज में सेवा भावना को मजबूत करने और देशभर में चल रहे सेवा कार्यों को एक-दूसरे से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।इस अवसर पर डॉ. उमेश पालीवाल, डॉ. अरविंद दीक्षित, अमरनाथ , आदित्य पोद्दार, नवेन्दु शुक्ला, के.के. दुबे एवं डॉ. राहुल मिश्रा, डॉ पूजा श्रीवास्तव सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए सामाजिक सेवा संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
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