जल जीवन मिशन में लापरवाही पर प्रशासन का कड़ा रुख, पूर्व कार्यदायी संस्था को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश
जिला संवाददाता सुनील कुमार धुरिया
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस हमीरपुर। जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित पेयजल परियोजनाओं के सुचारू संचालन एवं ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार स्थलीय निरीक्षण एवं आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) विजय सिंह ने विकासखंड सुमेरपुर के ग्राम मवई जार पहुंचकर पेयजल आपूर्ति व्यवस्था का स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों द्वारा मोहल्ले में पेयजल आपूर्ति से संबंधित समस्या की जानकारी दी गई। समस्या के तत्काल निस्तारण के लिए जल जीवन मिशन के जूनियर इंजीनियर एवं वर्तमान कार्यदायी संस्था आईटी इंटरनेशनल के कर्मचारी मौके पर उपस्थित रहे तथा पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने की कार्रवाई की गई।
निरीक्षण में यह तथ्य सामने आया कि ग्राम मवई जार में पूर्व में कार्यदायी संस्था जय मां लक्ष्मी कंस्ट्रक्शन द्वारा पेयजल योजना का कार्य कराया गया था। योजना के अंतर्गत कराए गए कार्यों में विभिन्न स्तर पर कमियां पाए जाने तथा पाइपलाइन, वाल्व एवं अन्य संरचनाओं की स्थिति स्पष्ट न होने के कारण वर्तमान में मरम्मत एवं रखरखाव के कार्य में कठिनाई उत्पन्न हो रही है।
समस्या के समाधान के लिए पूर्व कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर प्रिंस राजपूत को दूरभाष के माध्यम से सूचित करते हुए तकनीकी टीम एवं संबंधित कर्मचारियों को मौके पर भेजने के निर्देश दिए गए थे, ताकि पाइपलाइन एवं वाल्व आदि की वास्तविक स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराते हुए आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा सके। इसके बावजूद निरीक्षण के दौरान दोपहर बाद तक संस्था का कोई प्रतिनिधि अथवा कर्मचारी मौके पर उपस्थित नहीं हुआ।
पूर्व कार्यदायी संस्था द्वारा कराए गए अधूरे कार्य, जगह-जगह की गई खुदाई तथा वर्तमान समस्या के समाधान में अपेक्षित सहयोग न मिलने से ग्रामीणों को पेयजल आपूर्ति में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे ने अधिशासी अभियंता, जल निगम ग्रामीण को निर्देशित किया कि पूर्व कार्यदायी संस्था जय मां लक्ष्मी कंस्ट्रक्शन के विरुद्ध विस्तृत रिपोर्ट तत्काल शासन को प्रेषित की जाए तथा संस्था को ब्लैक लिस्ट किए जाने की कार्रवाई नियमानुसार सुनिश्चित की जाए।
अपर जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जल जीवन मिशन शासन की प्राथमिकता वाली योजना है। योजना के अंतर्गत कराए गए कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता, रखरखाव एवं पेयजल आपूर्ति के संबंध में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता पाए जाने पर संबंधित संस्था के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों को सुचारू एवं निर्बाध पेयजल आपूर्ति उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।