पीएलवी गणेश सिंह ने बच्चों को बाल संरक्षण, बाल मित्रवत विधिक सेवाएं तथा किशोर न्याय की दी जानकारी
जिला संवाददाता सुनील कुमार धुरिया
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस सुमेरपुर, हमीरपुर l बृहस्पतिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हमीरपुर के तत्वावधान में जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हमीरपुर मनोज कुमार राय जी के कुशल मार्गदर्शन में एवं सिविल जज सीनियर डिवीजन/सचिव श्रीमती वन्दना अग्रवाल जी के कुशल दिशा निर्देशन में भारती शिशु उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सुमेरपुर में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें पीएलवी गणेश सिंह ने बच्चों को "बाल संरक्षण, बाल मित्रवत विधिक सेवाएं और किशोर न्याय" के संबंध में विस्तृत जानकारी देकर जागरूक किया। पीएलवी गणेश सिंह ने बताया कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी प्रकार की हिंसा, शोषण, दुर्व्यवहार, उपेक्षा और तस्करी से बचाना बाल संरक्षण है। बच्चों को बिना किसी आय सीमा के मुफ्त और प्रभावी कानूनी सहायता का अधिकार है। पीएलवी गणेश सिंह ने पाक्सो एक्ट , गुड टच-बैड टच, यौन उत्पीड़न, यौन शोषण पोर्नोग्राफी, बाल विवाह, बाल श्रम, मानव तस्करी आदि के बारे में बताया। आपातकालीन स्थिति में बच्चों की मदद के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन सेवा 1098 (24 घंटे) उपलब्ध रहती है। निःशुल्क कानूनी सहायता के लिए 15100 पर संपर्क किया जा सकता है। बच्चों की देखभाल के लिए जिला स्तर पर बाल कल्याण समिति और किशोर न्याय बोर्ड गठित हैं। बाल कल्याण समिति अनाथ, बेसहारा, असहाय या शोषित बच्चों के पुनर्वास और हितों के लिए काम करती है। किशोर न्याय बोर्ड विधि से संघर्षरत बच्चों के मामलों की सुनवाई करता है। 6 वर्ष से 14 वर्ष के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा का मौलिक अधिकार है। बाल विवाह निषेध अधिनियम एवं शोषण के विरुद्ध अधिकार, बाल श्रम आदि की भी जानकारी दी। बताया कि पीड़ित बच्चों को निःशुल्क पैनल वकील पाने की सुविधा है। बच्चों को चिकित्सा, मनोवैज्ञानिक परामर्श और मुआवजा जैसी सहायता दी जाती है। 16 से 18 वर्ष के बीच बच्चों द्वारा किए गए गंभीर जघन्य अपराधों में किशोर न्याय बोर्ड यह आंकलन करता है कि बच्चे पर मुकदमा बच्चे के रूप में चलना चाहिए या वयस्क के रूप में। इस अवसर पर सेवानिवृत प्रधानाध्यापक हरीराम गुप्त, कैलाश सोनी एवं विद्यालय के प्रधानाचार्य छोटेलाल दक्ष ने भी बच्चों को उपयोगी जानकारी दी।