सीएमओ ने सीएचसी सरीला, गोहांड और ब्लॉक राठ में स्वास्थ्य सेवाओं का किया औचक निरीक्षण
-दवाओ की उपलब्धता, साफ-सफाई और इमरजेंसी सेवाएं दुरुस्त रखने के दिए निर्देश
जिला संवाददाता सुनील कुमार धुरिया
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस हमीरपुर l जनपद में आमजन को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य इकाइयों की व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में 15 अक्टूबर की रात्रि को मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीएचसी सरीला, सीएचसी गोहांड एवं सामुदायिक स्वास्थ्य इकाई ब्लॉक राठ का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति, आकस्मिक एवं प्रसव सेवाओं, दवाओं की उपलब्धता तथा अस्पताल परिसर की साफ-सफाई का जायजा लिया गया।
निरीक्षण के क्रम में सर्वप्रथम रात्रि 08:14 बजे सीएचसी सरीला का निरीक्षण किया गया। यहां प्रसव कक्ष एवं आकस्मिक कक्ष की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए भर्ती मरीजों से स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। निरीक्षण के दौरान केंद्र के प्रभारी चिकित्सक डॉ. अखिलेश कुमार, डॉ. रतन लाल सहित आकस्मिक ड्यूटी एवं प्रसव कक्ष में तैनात कार्मिक उपस्थित मिले। अस्पताल में साफ-सफाई संतोषजनक पाई गई तथा आकस्मिक कक्ष में आवश्यक दवाएं एवं उपकरण उपलब्ध मिले।
इसके उपरांत रात्रि 09:26 बजे सीएचसी गोहांड का औचक निरीक्षण किया गया। यहां प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. भरत राजपूत एवं डॉ. प्रभात शर्मा सहित आकस्मिक ड्यूटी और प्रसव कक्ष में तैनात स्टाफ नर्स, वार्ड आया एवं वार्ड बॉय उपस्थित मिले। अस्पताल की साफ-सफाई व्यवस्था का जायजा लिया गया। चिकित्सकीय अभिलेखों के अवलोकन में पाया गया कि उस दिन ओपीडी में 117 मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गई थीं, जबकि महिला चिकित्सक द्वारा 30 मरीजों को देखा गया था।
रात्रि 10:10 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य इकाई, ब्लॉक राठ का निरीक्षण किया गया। इस दौरान डॉ. ए.के. देवल एवं डॉ. जय सागर सहित रात्रिकालीन ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकीय स्टाफ उपस्थित मिला। अभिलेखों के अनुसार उस दिन ओपीडी में 50 मरीजों को देखा गया था। अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था भी संतोषजनक पाई गई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सभी चिकित्सा इकाइयों के प्रभारियों एवं संबंधित चिकित्सकीय तथा पैरामेडिकल स्टाफ को निर्देशित किया कि रात्रिकालीन आकस्मिक सेवाओं का संचालन सुचारु रूप से सुनिश्चित किया जाए। मरीजों को समय से आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाए तथा विशेष परिस्थितियों में ही उन्हें उच्च चिकित्सा इकाई के लिए संदर्भित किया जाए। सभी अस्पतालों में आवश्यक दवाओं एवं चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता बनाए रखने, मरीजों के साथ संवेदनशील एवं सहयोगात्मक व्यवहार करने तथा बाहरी दवाएं लिखने से बचने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संविदा पर कार्यरत कार्मिकों की उपस्थिति एवं कार्यों की नियमित निगरानी की जाए, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों। ड्यूटी से अनुपस्थित पाए जाने वाले संविदा कार्मिकों के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनपद के सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को समयबद्ध, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इस उद्देश्य से निरीक्षण एवं निगरानी की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।