4 जनवरी 2027 को होगा निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन, विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की तैयारियों की समीक्षा
-जिलाधिकारी अशोक कुमार ने मतदाता सूची को शुद्ध एवं त्रुटिरहित बनाने पर दिया जोर
जिला संवाददाता सुनील कुमार धुरिया
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस हमीरपुर l जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट में जनपद के समस्त मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में अर्हता तिथि 01 जनवरी, 2027 के आधार पर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की फोटोयुक्त निर्वाचक नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम, मतदेय स्थलों के सम्भाजन एवं पुनर्व्यवस्थापन, पात्र मतदाताओं के पंजीकरण तथा निर्वाचक नामावली को शुद्ध, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित बनाने के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मतदेय स्थलों का सम्भाजन एवं पुनर्व्यवस्थापन 02 नवम्बर, 2026 तक किया जाएगा। एकीकृत निर्वाचक नामावली का आलेख प्रकाशन 12 नवम्बर, 2026 को होगा। दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करने की अवधि 12 नवम्बर से 11 दिसम्बर, 2026 तक निर्धारित है, जबकि प्राप्त दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण 28 दिसम्बर, 2026 तक किया जाएगा। निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन 04 जनवरी, 2027 को होगा।
उन्होंने बताया कि निर्धारित अर्हता तिथि 01 जनवरी, 2027 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले सभी पात्र नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम सम्मिलित कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त आगामी अर्हता तिथियों 01 अप्रैल, 2027, 01 जुलाई, 2027 एवं 01 अक्टूबर, 2027 के आधार पर भी अग्रिम आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। उन्होंने विशेष रूप से युवा, प्रथम बार मतदान के लिए पात्र नागरिकों एवं महिला मतदाताओं का पंजीकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा वर्तमान निर्वाचक नामावली का पूर्व में प्रकाशित निर्वाचक नामावली एवं उसकी पूरक सूचियों से मिलान किया जाए। इस दौरान ऐसे मतदाताओं को चिह्नित किया जाए, जिनके नाम पूर्व की निर्वाचक नामावली में दर्ज थे, लेकिन वर्तमान सूची में सम्मिलित नहीं हैं। ऐसे मतदाताओं की वर्तमान स्थिति का भौतिक सत्यापन करते हुए पात्र पाए जाने पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार फार्म-6 के माध्यम से उनका नाम निर्वाचक नामावली में सम्मिलित कराने में सहायता प्रदान की जाए। उन्होंने इस कार्य को समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने तथा मतदाताओं से नियमित संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए।
मतदेय स्थलों के सम्भाजन एवं पुनर्व्यवस्थापन के संबंध में बताया गया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार प्रति मतदेय स्थल अधिकतम 1200 मतदाताओं तथा लगभग दो किलोमीटर की परिधि के मानक को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। आगामी निर्वाचन के दृष्टिगत प्रस्तावित मतदेय स्थलों का भौतिक सत्यापन कराकर वहां आवश्यक सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को मतदेय स्थलों की आलेख सूची प्राप्त करने के लिए 19 अक्टूबर, 2026 को आयोजित होने वाली बैठक में प्रतिभाग करने के लिए भी अवगत कराया गया।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अनुरोध किया कि वर्तमान में स्थापित मतदेय स्थलों अथवा प्रस्तावित पुनर्व्यवस्थापन के संबंध में कोई सुझाव या आपत्ति हो, तो उसे शीघ्र जिला निर्वाचन कार्यालय अथवा संबंधित उपजिलाधिकारी कार्यालय में उपलब्ध कराएं, ताकि निर्धारित समयसीमा में आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
बैठक में फार्म-7 के संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया कि निर्वाचक नामावली में किसी नाम को सम्मिलित किए जाने पर आपत्ति दर्ज कराने अथवा नाम अपमार्जित कराने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार फार्म-7 प्रस्तुत किया जाता है। ऐसे आवेदनों पर नियमानुसार जांच एवं सत्यापन के उपरांत ही निर्णय लिया जाएगा। साथ ही, दावे एवं आपत्तियां प्रस्तुत करने की निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने तथा बल्क में अथवा डाक के माध्यम से भेजे गए दावों एवं आपत्तियों को स्वीकार न किए जाने के संबंध में भी जानकारी दी गई।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने निर्वाचक नामावली की शुद्धता एवं पारदर्शिता बनाए रखने पर बल देते हुए कहा कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से नहीं हटाया जाना चाहिए। नाम अपमार्जन से संबंधित प्रत्येक कार्रवाई नियमानुसार जांच एवं सत्यापन के उपरांत ही की जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मतदाता सूची में नाम सम्मिलित कराने के लिए जानबूझकर गलत विवरण अथवा झूठी घोषणा प्रस्तुत करने सहित निर्वाचन संबंधी अनियमितताओं के मामलों में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के सुसंगत प्रावधानों के अंतर्गत नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
अंत में जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की कि मतदेय स्थलों के सम्भाजन के उपरांत नवीन मतदेय स्थलों के लिए बूथ लेवल एजेंट नामित कर उनकी सूचना उपलब्ध कराएं। इससे बूथ लेवल अधिकारियों एवं बूथ लेवल एजेंटों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा तथा निर्वाचक नामावली को अधिक शुद्ध, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों एवं राजनीतिक दलों से सक्रिय सहयोग की अपेक्षा की।
बैठक में भारतीय जनता पार्टी के जिला महामंत्री लक्ष्मीरतन साहू, बहुजन समाज पार्टी के वीरेन्द्र वर्मा, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के जिला सचिव सूर्य किशोर तिवारी, समाजवादी पार्टी के युगांक मिश्रा तथा उप जिलाधिकारी हमीरपुर अभिषेक कुमार सहित संबंधित अधिकारी एवं राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।