छात्रा मधुदेवी बनीं एक दिन की प्रतीकात्मक उपजिलाधिकारी, जाना प्रशासनिक कार्यों का स्वरूप
-बालिकाओं में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करने की पहल
जिला संवाददाता सुनील कुमार धुरिया
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस हमीरपुर l मिशन शक्ति अभियान फेज-5.0 के द्वितीय चरण के अंतर्गत बालिकाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता एवं प्रशासनिक कार्यप्रणाली की समझ विकसित करने के उद्देश्य से तहसील सरीला में एक प्रेरणादायी पहल की गई। इसके तहत पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज, सरीला की कक्षा 12 की छात्रा मधुदेवी, पुत्री दशाराम, निवासी ममना, तहसील सरीला को प्रतीकात्मक रूप से एक दिन का उपजिलाधिकारी बनाया गया। इस पहल के माध्यम से छात्रा को प्रशासनिक दायित्वों, जनसमस्याओं के समाधान तथा तहसील स्तर पर संचालित होने वाले विभिन्न कार्यों को नजदीक से समझने का अवसर मिला।
उपजिलाधिकारी विकास यादव के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान उपजिलाधिकारी ने छात्रा मधुदेवी को उपजिलाधिकारी के दैनिक कार्यों एवं प्रशासनिक जिम्मेदारियों की जानकारी दी। उन्होंने विभिन्न पटल सहायकों द्वारा संपादित किए जाने वाले कार्यों, अभिलेखों के रखरखाव, जनसुनवाई तथा आमजन की समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया से भी अवगत कराया। छात्रा ने उपजिलाधिकारी के कक्ष में बैठकर पांच से छह जनशिकायतों की सुनवाई एवं उनके निस्तारण से संबंधित प्रक्रिया को समझा और प्रशासनिक कार्यों के व्यावहारिक पक्ष का अनुभव प्राप्त किया।
इस दौरान उपजिलाधिकारी विकास यादव ने छात्रा को तहसील परिसर का निरीक्षण भी कराया। उन्होंने तहसील के विभिन्न पटलों पर होने वाले कार्यों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका तथा आम नागरिकों को उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं के संबंध में जानकारी दी। इस अनुभव से छात्रा को प्रशासनिक व्यवस्था, जनसेवा और जनसमस्याओं के समाधान में अधिकारियों की भूमिका को समझने का अवसर मिला।
इस अवसर पर उपजिलाधिकारी विकास यादव ने कहा कि मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत इस प्रकार की पहल का उद्देश्य बालिकाओं को उनकी क्षमताओं से परिचित कराना, उनमें नेतृत्व की भावना विकसित करना और उन्हें अपने भविष्य के लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित करना है। प्रशासनिक कार्यप्रणाली का प्रत्यक्ष अनुभव मिलने से बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ता है तथा वे विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होती हैं। उन्होंने कहा कि बेटियों को समान अवसर, उचित मार्गदर्शन और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराकर उन्हें अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत की गई यह पहल बालिकाओं को सशक्त बनाने, उनमें निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने तथा प्रशासनिक एवं सार्वजनिक सेवा के क्षेत्र में भविष्य की संभावनाओं से परिचित कराने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है।